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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Aaj Ka Panchang 02 February 2025: आज है वसंत पंचमी, नोट करें शुभ मुहूर्त और पढ़ें दैनिक पंचांग

Published: Sun, 02 Feb 2025 06:00 AM (IST)Updated: Sun, 02 Feb 2025 08:26 AM (IST)

पंचांग के अनुसार आज माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। इस ...और पढ़ें

Aaj Ka Panchang 02 February 2025: आज का पंचांग -
Aaj Ka Panchang 02 February 2025: आज का पंचांग -

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Basant Panchami 2025 Aaj Ka Panchang 02 February 2025: आज वसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन पूर्ण रूप से मां सरस्वती को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें बुद्धि, ज्ञान, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है। आज के दिन (02 February Panchang) की शुरुआत करने से पहले यहां दिए गए शुभ व अशुभ समय को अवश्य जान लें, जो इस प्रकार हैं -

Aaj Ka Panchang 02 February 2025: आज का पंचांग -

पंचांग के अनुसार, आज माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगी।

ऋतु - वसंत

चन्द्र राशि - मीन

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर

सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 01 मिनट पर

चन्द्रोदय - सुबह 09 बजकर 40 मिनट पर

चन्द्रास्त - रात 10 बजकर 13 मिनट पर

शुभ मुहूर्त

सर्वार्थ सिद्धि योग - सुबह 07 बजकर 09 मिनट से अगले दिन मध्य रात्रि 12 बजकर 52 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त - 05 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 16 मिनट तक

अमृत काल - रात 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 53 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक

विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 55 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक

निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 08 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक।

अशुभ समय

राहु काल - दोपहर 04 बजकर 46 मिनट से शाम 05 बजकर 56 मिनट तक

गुलिक काल - दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से 04 बजकर 47 मिनट तक।

दिशा शूल - पश्चिम

ताराबल

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती।

चन्द्रबल

वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन।

पूजन मंत्र

1. ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम् ।

हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ॐ ।।

2. ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।

3. ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।।

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अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।