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    Surya Puja: सुख- समृद्धि के लिए सूर्यदेव को इतनी बार चढ़ाएं जल, जानिए सही समय, मंत्र और अर्घ्य देने का तरीका

    By Shivani SinghEdited By:
    Updated: Thu, 08 Dec 2022 09:41 AM (IST)

    Surya Dev Puja शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ हर काम में सफलता हासिल होती है। इसके साथ ही कुंडली में सूर्य की स्थिति ...और पढ़ें

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    Surya Puja: सुख- समृद्धि के लिए सूर्यदेव को इतनी बार चढ़ाएं जल, मंत्र और अर्घ्य देने का तरीका

    नई दिल्ली, Surya Puja: पंचांग के अनुसार, हर एक दिन किसी न किसी देवी -देवता को समर्पित है। इसी तरह रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। सूर्य देव ब्रह्मांड के कर्ताधर्ता ही नहीं है बल्कि नवग्रहों के राजा भी है। इसलिए रोजाना सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में खुशियां ही खुशियां आती हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि नियमित रूप से सूर्य देव की पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए सुबह-सुबह उगते हुए सूर्य को प्रणाम करने के साथ स्नान आदि करने के बाद अर्घ्य देना चाहिए। जानिए सूर्य देव को अर्घ्य देने की सही विधि के साथ मंत्रों के बारे में।

    कैसे करें सूर्य देव की पूजा

    सुबह के समय सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद उगते हुए सूर्य के दर्शन करते हुए जल अर्पित करना चाहिए। इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल लें और उसमें सिंदूर, अक्षत, लाल फूल डाल लें।

    अब सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके (आपके सामने सूर्य होना हो जिस दिशा में) दोनों हाथों को ऊपर करके धीरे धीरे अर्पित करें। इस जल को आप गमला या फिर किसी बर्तन में कर सकते हैं, जिससे यह आपके पैरों के नीचे न आए। अर्घ्य देने के साथ मंत्र का जाप करें।

    अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें कि अंगूठा और तर्जनी आपस में न मिलेगा और कोई भी उंगली पानी को स्पर्श न करें।

    सूर्य देव को कितनी बार चढ़ाएं जल

    शास्त्रों के अनुसार, सूर्य देव को तीन बार जल चढ़ाने की परंपरा है। पहले एक बार अर्घ्य करें। इसके बार परिक्रमा करें। फिर अर्घ्य दें और फिर परिक्रमा करें और अर्घ्य दें। साधारण शब्दों में कहें तो तीन बार अर्घ्य देने के साथ तीन बार परिक्रमा करें।

    सूर्य देव का मंत्र

    भगवान सूर्य को अर्घ्य देते समय सूर्य देव के इन मंत्रो का जाप करें।

    ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा

    ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर

    ऊं ब्रह्म स्वरुपिणे सूर्य नारायणे नमः

    सूर्य देव के 12 नाम

    सूर्य देव के इन 12 नामों का जाप करना भी शुभ होगा।

    1. ॐ सूर्याय नम:
    2. ॐ मित्राय नम:
    3. ॐ रवये नम:
    4. ॐ भानवे नम:
    5. ॐ खगाय नम:
    6. ॐ पूष्णे नम:
    7. ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
    8. ॐ मारीचाय नम:
    9. ॐ आदित्याय नम:
    10. ॐ सावित्रे नम:
    11. ॐ अर्काय नम:
    12. ॐ भास्कराय नम:

    डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।