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शारदीय नवरात्र 2026: मां दुर्गा को क्यों सबसे प्रिय है लाल गुड़हल? इस एक फूल में छिपा सुख-समृद्धि का रहस्य

Published: Tue, 13 Oct 2026 02:28 PM (IST)

शारदीय नवरात्र (Sharadiya Navratri 2026) में मां दुर्गा को गुड़हल का लाल फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ...और पढ़ें

नवरात्रि में गुड़हल के आध्यात्मिक लाभ (Picture Credits- AI Images)

नवरात्रि में गुड़हल के आध्यात्मिक लाभ (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र (Sharadiya Navratri 2026) का उत्सव बेहद ही भव्य और खास तरीके से मनाया जाता है। अधिकतर हिंदू घरों में माता की मूर्ति और कलश स्थापना की जाती है। सूरज की पहली किरण निकालने के साथ ही माता की पूजा-अर्चना, सेवा, आरती और साधना शुरू हो जाती है।

भक्त माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हुई थी, जिसका समापन 20 अक्टूबर 2026, सोमवार को विजयादशमी के मौक पर होगा।

नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को लाल रंग के फूल खास तौर पर अर्पित किए जाते हैं, जिनमें गुड़हल का फूल सबसे प्रमुख माना जाता है। सनातन परंपरा में लाल रंग शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो मां दुर्गा के नौ रूपों के तेजस्वी और उग्र स्वरूप को दर्शाता है। गुड़हल का फूल मां दुर्गा को काफी प्रिय है, इसलिए इसे अर्पित करने से मां भगवती अपने भक्तों से जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

नवरात्र में गुड़हल फूल चढ़ाने का आध्यात्मिक लाभ

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को लाल रंग का गुड़हल फूल चढ़ाने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। यह फूल शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धापूर्वक माता रानी को इसका फूल अर्पित करने से आत्मबल में वृद्धि होती है।

गुड़हल का फूल घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना जाता है। नियमित रूप से पूजा में इसका इस्तेमाल करने से धन-धान्य बढ़ता है और परिवार के सदस्यों को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं यह फूल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी मददगार माना जाता है, जिससे घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है।

गुड़हल का फूल प्रेम और शांति का प्रतीक

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, गुड़हल का फूल सिर्फ शक्ति का ही नहीं, बल्कि प्रेम और स्नेह का भी प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा को यह फूल अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन में प्यार, शांति और संतुलन बना रहता है। इसके अलावा करियर और जीवन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में व्यक्ति को सुनहरे अवसर प्राप्त होते हैं।

नवरात्र की पूजा में कैसे करें गुड़हल के फूल का इस्तेमाल?

नवरात्र के दौरान सुबह स्नान करके साफ कपड़ा धारण करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद लाल गुड़हल के ताजे फूल को श्रद्धा से अर्पित करना चाहिए। माता को फूल चढ़ाते समय फूल ताजा और साफ होना चाहिए, तभी पूजा का पूरा मिलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।