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    Sawan 2025: सावन में घर लाना चाहते हैं शिवलिंग, जानिए कैसे करें उनकी स्थापना… किन बातों का रखें ध्यान

    Updated: Tue, 08 Jul 2025 10:00 PM (IST)

    Sawan 2025 सावन के महीने में कई भक्त पहली बार अपने घर में शिवलिंग स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। शिवलिंग का आकार अंगूठे से बड़ा नहीं होना चाहिए और इसे पीतल के अरघा के साथ स्थापित करना चाहिए। स्थापना के लिए सावन में सोमवार या प्रदोष की तिथि सबसे अच्छी मानी जाती है और ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए।

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    Sawan 2025: शिवलिंग को पाटे या चौकी पर स्थापित करना चाहिए।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। ऐसे में भोलेनाथ के भक्त पूजा की तैयारियों में लगे हैं। ऐसे में कुछ लोग अपने आराध्य को पहली बार घर लाने की तैयारी भी कर रहे हैं।

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    कुछ लोगों के घर में अभी तक शिवलिंग नहीं हैं और वे अपने घर में भोलेनाथ को स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आपको कैसा शिवलिंग लाना चाहिए। कैसे उनकी स्थापना करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

    अंगूठे के आकार से बड़ा न हो शिवलिंग  

    यदि आप अपने घर में पूजा के लिए शिवलिंग लाना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि उनका आकार अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं हो। इसके साथ ही आपको पीतल का अरघा भी लाना चाहिए। शिवलिंग को सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। उनके लिए एक चौकी या पाटे पर स्थापित करना चाहिए। 

    कब और किस दिन करें स्थापना 

    सावन में शिवलिंग की स्थापना विशेष फलदायी होती है। इसके लिए सोमवार का दिन या प्रदोष की तिथि सबसे अच्छी मानी जाती है। शिवलिंग की स्थापना के लिए ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए। इसके लिए सबसे अच्छा समय सुबह 4 बजे से लेकर 6 बजे तक का है। 

    इन बातों का रखें ध्यान 

    घर में शिवलिंग की स्थापना पूर्व या उत्तर दिशा में करें। 

    जलधारी का मुंह उत्तर या पूर्व की तरफ होना चाहिए।

    घर में एक से अधिक या टूटे हुए शिवलिंग नहीं रखें। 

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    ऐसे करें पूजा 

    शिवलिंग स्थापित करने से पहले जल, फिर पंचामृत, फिर जल से अभिषेक करें। 

    भस्म, चंदन, बेलपत्र और फूल शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद काले तिल अर्पित करें। 

    इसके बाद धूप और दीप जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें, उनकी आरती उतारें। 

    इसके बाद 108 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। 

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।