Navratri 2021: पितृ पक्ष के अंतिम दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या के अगले दिन से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ होता है। हिन्दी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मां दुर्गा की आराधना का महापर्व नवरात्रि शुरु होती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा क्रमश: की जाती है। इस नवरात्रि में ही बंगाल, बिहार, झारखंड समेत देश कई राज्यों में दुर्गा पूजा का आयोजन होता है, तो कई स्थानों पर रामलीला का आयोजन होता है। दुर्गाष्टमी या महानवमी को कन्या पूजा की जाती है। महानवमी को नवरात्रि हवन का भी आयोजन होता है। दशहरा के दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला दहन भी किया जाता है, वहीं विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की मूर्तियों का विधि विधान से विसर्जन भी होता है। इस दिन शस्त्र पूजा भी की जाती है।

जागरण अध्यात्म में आज हम जानते हैं कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि कब से शुरु हो रही है? दुर्गाष्टमी, महानवमी और दशहरा कब है। आप पहले से ही उनकी सही तिथियों के बारे में जान लें ताकि आप नवरात्रि की पूजन सामग्री का प्रबंध पहले ही कर लें और विधिपूर्वक नवरात्रि का व्रत एवं दुर्गा पूजा कर पाएं।

शारदीय नवरात्रि 2021 का प्रारंभ

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 07 अक्टूबर दिन गुरुवार को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से हो रहा है। इस दिन ही कलश स्थापना या घट स्थापना होगा और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। जिन लोगों को नौ दिन व्रत रखना होगा, वे कलश स्थापना के साथ नवरात्रि व्रत एवं मां दुर्गा की पूजा का संकल्प लेंगे और व्रत शुरू करेंगे। जो लोग एक दिन का नवरात्रि व्रत रहेंगे, वो अगले दिन व्रत का पारण कर लेंगे और फिर दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखेंगे एवं कन्या पूजन करेंगे।

8 दिन की है नवरात्रि 2021

इस वर्ष की नवरात्रि आठ दिनों की है क्योंकि आश्विन शुक्ल षष्ठी तिथि का क्षय हो रहा है। इस कारण से आठ दिनों की नवरात्रि है।

दुर्गाष्टमी 2021 या महाष्टमी 2021

नवरात्रि में प्रथम दिन के बाद अष्टमी का बहुत महत्व होता है। इसे दुर्गाष्टमी या महाष्टमी कहते हैं। इस वर्ष दुर्गाष्टमी 13 अक्टूबर दिन बुधवार को है। इस दिन मां महागौरी की पूजा होती है। जो लोग प्रथम दिन व्रत रखते हैं, वे महाष्टमी का भी व्रत रखते हैं।

नवरात्रि 2021 कन्या पूजा

कई स्थानों पर नवरात्रि में कन्या पूजन महाष्टमी के दिन किया जाता है और कई स्थानों पर महानवमी के दिन। यदि आप दुर्गाष्टमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 13 अक्टूबर को होगा और यदि महानवमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 14 अक्टूबर को होगा। इस दिन कन्याओं को भोजन कराने, उनका पूजन करने और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लेने की परंपरा है।

महानवमी 2021

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की महानवमी 14 अक्टूबर दिन गुरुवार को है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है और हवन किया जाता है।

दशहरा 2021 या विजशदशमी 2021

इस वर्ष दशहरा या विजशदशमी 15 अक्टूबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होता है। रामलीला में रावण वध का मंचन होता है। विजयादशमी के दिन दुर्गा मूर्ति का विसर्जन भी किया जाता है। हालांकि य​ह मुहूर्त पर निर्भर करता है। दशहरा या विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

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Edited By: Kartikey Tiwari