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    Bala Ji Ki Aarti: आज पूजा के समय करें बालाजी की आरती, सभी संकटों से मिलेगी मुक्ति

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Tue, 05 Sep 2023 07:00 AM (IST)

    Bala Ji Ki Aarti राजस्थान में बालाजी का भव्य एवं प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में बालाजी के समक्ष नकारात्मक शक्तियों की पेशी लगती है। साथ ही प्रसाद में ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Bala Ji Ki Aarti: सनातन धर्म में मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा का विधान है। इस दिन साधक श्रद्धा भाव से बाल ब्रह्मचारी हनुमान जी की पूजा-उपासना करते हैं। साथ ही उनके निमित्त व्रत भी रखते हैं। भारत के कुछ भागों में हनुमान जी को बालाजी भी कहा जाता है। राजस्थान में बालाजी का भव्य एवं प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में बालाजी के समक्ष नकारात्मक शक्तियों की पेशी लगती है। साथ ही प्रसाद में बालाजी को लड्डू के भोग लगाए जाते हैं। अतः हर मंगलवार के दिन बड़ी संख्या में भक्त बालाजी के दर्शन हेतु आते हैं। धार्मिक मान्यता है कि बालाजी के दर्शन मात्र से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। अगर आप भी बालाजी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो हर मंगलवार के दिन पूजा के समय बालाजी की आरती जरूर करें।

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    बालाजी की आरती

    ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा ।

    संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    पवन पुत्र अंजनी सूत, महिमा अति भारी ।

    दुःख दरिद्र मिटाओ, संकट सब हारी ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    बाल समय में तुमने, रवि को भक्ष लियो ।

    देवन स्तुति किन्ही, तुरतहिं छोड़ दियो ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    कपि सुग्रीव राम संग, मैत्री करवाई।

    अभिमानी बलि मेटयो, कीर्ति रही छाई ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    जारि लंक सिय-सुधि ले आए, वानर हर्षाये ।

    कारज कठिन सुधारे, रघुबर मन भाये ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    शक्ति लगी लक्ष्मण को, भारी सोच भयो ।

    लाय संजीवन बूटी,दुःख सब दूर कियो ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    रामहि ले अहिरावण, जब पाताल गयो ।

    ताहि मारी प्रभु लाय, जय जयकार भयो ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    राजत मेहंदीपुर में, दर्शन सुखकारी ।

    मंगल और शनिश्चर, मेला है जारी ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    श्री बालाजी की आरती, जो कोई नर गावे ।

    कहत इन्द्र हर्षित, मनवांछित फल पावे ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा ।

    संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा ॥

    ॐ जय हनुमत वीरा...

    डिसक्लेमर-'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'