Pausha Putrada Ekadashi 2025: 09 या 10 जनवरी, कब मनाई जाएगी पौष पुत्रदा एकादशी? नोट करें सही डेट
ज्योतिषियों की मानें तो पौष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2025 Date) मनाई जाती है। इस दिन साधक श्रद्धा भाव से जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखते हैं। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। एकादशी पर्व का सनातन धर्म में खास महत्व है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। विष्णु पुराण में एकादशी व्रत की महिमा का गुणगान वर्णित है। इस व्रत को करने से जन्म-जन्मांतर में किये गए पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। वहीं, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। हालांकि, तिथि गणना के चलते एकादशी की डेट को लेकर दुविधा हमेशा बनी रहती है। आइए, पौष पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2025 Date) की सही डेट एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं।
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कैसे की जाती है तिथि की गणना?
सनातन धर्म में सूर्य देव के उगने यानी सूर्योदय होने के बाद तिथि की गणना होती है। हालांकि, कालाष्टमी, कृष्ण जन्माष्टमी, मासिक दुर्गा अष्टमी पर निशा काल में पूजा की जाती है। इन शुभ अवसर पर तिथि और मुहूर्त की गणना से व्रत रखा जाता है। जबकि, एकादशी समेत अन्य प्रमुख व्रत-त्योहार की तिथि गणना सूर्योदय से की जाती है। इसके लिए कई अवसर पर एकादशी तिथि पड़ने के बावजूद अगले दिन मनाई जाती है।
पौष पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त
हर माह के कृष्ण एवं शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन या द्वादशी तिथि के एक दिन पहले एकादशी का व्रत रखा जाता है। पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 09 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी। सूर्योदय तिथि की गणना के अनुसार, 10 जनवरी को पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसके लिए 10 जनवरी को पौष पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। हालांकि, स्थानीय पंचांग में बदलाव हो सकता है। इसके लिए स्थानीय पंडित से सलाह ले सकते हैं। स्थानीय पंचांग का पालन कर एकादशी का व्रत रख सकते हैं।
पौष पुत्रदा एकादशी पारण
साधक 10 जनवरी के दिन पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रख सकते हैं। वहीं, एकादशी का पारण 11 जनवरी को सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 08 बजकर 21 मिनट के मध्य कर सकते हैं। साधक 10 जनवरी के दिन विधि विधान से आराध्य जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करें। वहीं, 11 जनवरी को स्नान-ध्यान, पूजा-पाठ एवं दान के बाद व्रत खोल सकते हैं।
शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो पौष पुत्रदा एकादशी पर शुभ एवं शुक्ल योग समेत कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। साथ ही जीवन में खुशियों का आगम होगा।
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डिसक्लेमर:'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'
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