विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जोधपुर में पानी के लिए चल गए लाठी-डंडे, मारपीट में 9 लोग घायल; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Published: Tue, 01 Apr 2025 12:10 AM (IST)

जोधपुर के निकटवर्ती चौखा गांव के भदेसर रोड पर श्मशान के पास पानी को लेकर गांव वाले आपस में भिड़ ...और पढ़ें

जोधपुर के निकटवर्ती चौखा गांव के भदेसर रोड पर हुई लड़ाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जोधपुर के निकटवर्ती चौखा गांव के भदेसर रोड पर हुई लड़ाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. बच्चों के साथ भी जमकर मारपीट
  2. लड़ाई में एक महिला के दांत टूट गए
  3. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं

जेएनएन, जोधपुर। गर्मी की दस्तक देने के साथ ही जोधपुर में पानी को लेकर घमासान मच गया। पानी के लिए यह लड़ाई सड़कों पर आ गई और वहां जमकर लाठियों और पाइप से मारपीट की गई। गांव वालों ने जमकर एक-दूसरे से मारपीट की जिसमें करीब 9 लोग घायल हुए है, जिनमे चार महिलाएं हैं।

पानी को लेकर मारपीट की ये घटना चोखा गांव से जुड़ी है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस मामले के अनुसंधान में जुटी है। जोधपुर के निकटवर्ती चौखा गांव के भदेसर रोड पर श्मशान के पास पानी को लेकर गांव वाले आपस में भिड़ गए।

बच्चों के साथ भी मारपीट

एक दूसरे पर लाठियां और क्रिकेट के बल्लों से हमला किया। पानी की लड़ाई में एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया और एक महिला के दांत टूट गए। वहीं एक महिला और एक व्यक्ति का हाथ भी टूट गया। बच्चों के साथ भी जमकर मारपीट की गई।

घटनाक्रम में नौ लोग जख्मी हुए जिनको उपचार के लिए एमडीएम अस्पताल लाया गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

कई महिलाएं भी घायल

राजीव गांधी नगर थानाधिकारी सुरेश पोटलिया ने बताया कि शनिवार को चौखा गांव में भदेसर श्मशान रोड पर ग्रामीणों में पानी को लेकर विवाद हुआ था। पाइप लाइन से पानी को लेकर हुए विवाद के बाद इन लोगों लोगों के बीच लाठियां और क्रिकेट के बल्ले चल गए।

पूरे घटनाक्रम में एक पक्ष से छह व दूसरे पक्ष से तीन लोग घायल हुए है। इसमें चार महिलाएं है। पुलिस ने इस बारे में दो केस दर्ज किए है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें: नॉन वेज बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा, नगर निगम जब्त करेगा ठेला; जानिए क्यों लिया गया ये फैसला