जागरण संवाददाता, जयपुर। Great Indian Bustard. राजस्थान का राज्य पक्षी गोडावण (गेट इंडियन बस्टर्ड) ने अब अपना नया ठिकाना तलाश लिया है। अब तक जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क और कच्छ के रण में पाए जाने वाले गोडावण  अब भारत को छोड़कर पाकिस्तान में प्रवास करने लगा है। गर्मी का दौर शुरू होते ही गोडावण पाकिस्तान का रुख तेजी से करेंगे। यह जानकारी कुछ दिनों पूर्व महाराष्ट्र और गुजरात में इस प्रजाति के पक्षियों के लगाए गए सैटेलाइट ट्रांसमीटर से सामने आई है।

राज्य वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गोडावण पिछले कुछ समय से गर्मी के मौसम में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान के चोलिस्तान के रेगिस्तान में रहना पसंद कर रहा है। ट्रांसमीटर की रिपोर्ट के आधार पर गाड़वाण ने 26 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर करीब साढ़े सात हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का भ्रमण किया है। गोडावण का नया ठिकाना बनाने का सबसे बड़ा कारण वहां के घने घास के मैदान हैं, जो उन्हें बेहद अच्छे लग रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारत में इसके रहने के स्थानों पर घास की कमी देखी जाती है। ऐसे में हर साल गर्मी के मौसम में गोडावण पाकिस्तान का रुख कर लेते हैं और फिर वापस लौटकर आ जाते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का चेलिस्तान गोडावण के लिए जितना सहज है, उतना ही खतरनाक भी है। पाकिस्तान में इनका शिकार होता रहता है। अधिकारियों ने बताया कि गोडावण के देशी या अंतरराष्ट्रीय माइग्रेशन के लिए सैटेलाइट ट्रांसमीटर ही एकमात्र उपाय है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रयास शुरू करने का मानस बनाया है। गुजरात और महाराष्ट्र में इस पर पहले से ही काम शुरू हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के राज्यपक्षी गोडावण का साल 2019 में कृत्रिम प्रजनन कराया गया, जो बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। राज्य के वनमंत्री सुखराम विश्नोई का कहना है कि गोडावण के संरक्षण को लेकर योजना बनाई जा रही है। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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