बच्चियों पर मौलवियों से मिलने का दबाव, डरा-धमका कराता था चोरी; वकील ने भी केस लड़ने से किया इनकार
राजस्थान के ब्यावर जिले के विजयनगर में नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग और धार्मिक मतांतरण का मामला सामने आया है। आरोपितों ने छात्राओं को जाल में फंसाकर चोरी करवाई और मस्जिद जाने का दबाव डाला। पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया और गिरोह के अन्य 15 से अधिक सदस्यों की तलाश में छापेमारी की। मामले में पुलिस जांच जारी है।

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में ब्यावर जिले के विजयनगर में नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म करने और ब्लैकमेल कर मतांतरण के लिए दबाव डालने के आरोपित समुदाय विशेष के युवक उनसे घरों में चोरी भी कराते थे। करीब डेढ़ दर्जन युवकों का यह गिरोह अश्लील वीडियो दिखाकर जाल में फंसी नाबालिग छात्राओं पर साथ पढ़ने वाली छात्राओं और अन्य लड़कियों से मिलवाने का भी दबाव बनाता था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह छात्राओं को मस्जिद में जाने और मौलवियों से मिलने के लिए भी कहता था। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो सका है कि छात्राएं मस्जिद में गई थीं या नहीं। उधर, अजमेर के वकीलों ने आरोपितों की न्यायालय में पैरवी नहीं करने का फैसला किया है।
50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छह आरोपितों अफराज, लुकमान, रिहान मोहम्मद, सोहेल मंसूरी, साहिल और अरमान पठान ने ही अन्य मुस्लिम युवकों को अपने साथ जोड़ा और उनके साथ मिलकर छात्राओं को जाल में फंसाया। पुलिस उनके साथियों को तलाश करने में जुटी है। अब तक 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके स्वजनों एवं परिचितों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। युवकों में कोई वेल्डिंग तो कोई वाहन मरम्मत तो कोई मजदूरी करता है।
चार दिनों के रिमांड पर लिया गया
बता दें कि सोमवार को निजी स्कूल में पढ़ने वाली पांच बच्चियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला सामने आने और गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने डेढ़ दर्जन युवकों को पाक्सो एक्ट में नामजद कर छह युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिग आरोपितों को हिरासत में लिया। आरोपितों को मंगलवार शाम नसीराबाद पाक्सो मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया गया और पूछताछ के लिए चार दिनों के रिमांड पर लिया गया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।