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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: गांधी दर्शन सम्मेलन में बोले CM गहलोत, हर राज्य में शांति व अहिंसा विभाग बनाने की जरूरत

By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 14 Jun 2023 07:47 PM (IST)

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गांधी दर्शन समिति एवं शांति और अहिंसा विभाग के माध्यम से राज्य संभाग और ...और पढ़ें

राजस्थान देश का पहला राज्य (फोटो जागरण)
राजस्थान देश का पहला राज्य (फोटो जागरण)

जयपुर, ऑनलाइन डेस्क। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि धर्म और जाति की बजाय सत्य और अहिंसा की राह पर आगे बढ़ते हुए लोकतंत्र को अधिक मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में तनाव का माहौल है। इसमें गांधी जी के सिद्धान्त ही सबसे ज्यादा प्रासंगिक हैं। इसी स्थिति में हमें सत्य, अहिंसा, शांति और सद्भाव को जीवन में अपनाकर देश की प्रगति में अहम भूमिका निभानी चाहिए। यही हमारी संस्कृति का आधार भी हैं।

गहलोत बुधवार को झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शांति एवं अहिंसा विभाग के गांधी दर्शन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महात्मा गांधी जी के संदेश को घर-घर में पहुंचाने की दिशा में वर्ष 2022 में देश का पहला शांति एवं अहिंसा विभाग खोला है। इसी कड़ी में गांधी दर्शन म्यूजियम और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट, जिला शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ भी आगे बढ़ रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर आमजन को प्रेरित करने में गांधी प्रेरकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। यह प्रेरक ही हमारे देश की पूंजी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज संवैधानिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है। हम सबको मिलकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में आगे आना होगा।

हर राज्य बनाए विभाग

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में यकीन और संविधान में आस्था रखने वाले हर राज्य और केंद्र सरकार को भी शांति एवं अहिंसा विभाग बनाने की आवश्यकता है।

गहलोत ने कहा,

वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी देशों ने मिलकर पारित किया। यह निर्णय भारत के लिए गौरवान्वित होने का अवसर रहा।

गांधी दर्शन पर शिविरों की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी दर्शन समिति एवं शांति और अहिंसा विभाग के माध्यम से राज्य, संभाग और जिला स्तर पर गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। इससे लोगों में जागरूकता आएगी। इसी की आज सबसे ज्यादा जरूरत है।

सम्मेलन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शांति एवं अहिंसा विभाग के शासन सचिव नरेश कुमार ठकराल, शांति एवं अहिंसा निदेशालय के निदेशक मनीष शर्मा, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज के निदेशक प्रो बीएम शर्मा, गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, गांधीवादी मनोज ठाकरे, सवाई सिंह, गोपाल बाहेती आदि उपस्थित रहे।

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