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    Jaipur News: 18 महीने की पीड़ा, 45 मिनट की गुहार; अमायरा सुसाइड केस में क्यों रद हुई स्कूल की मान्यता?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 02:53 PM (IST)

    अमायरा सुसाइड मामले में CBSE ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद कर दी है। 9 साल की अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दी थी। जांच में ...और पढ़ें

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    अमायरा सुसाइड केस में क्यों रद हुई स्कूल की मान्यता? (फाइल फोटो- सोशल मीडिया)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान के जयपुर में 9 साल की बच्ची अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूद कर जान दे दी थी। अमायदरा खुदकुशी मामले की CBSE ने डिटेल जांच की है। जांच में डरावने वाले खुलासा हुए हैं। जांच के आधार पर स्कूल मान्यता रद कर दी गई है।

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    दरअसल, जयपुर में कक्षा 4 की स्टूडेंट के सुसाइड मामले में जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुसाइड करने वाली कक्षा 4 की स्टूडेंट ने अपनी क्लास टीचर से 5 बार बात की और उत्पीड़न के बारे में 45 मिनट तक उनसे सपोर्ट मांगा, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। उल्टे डांट दिया गया, यहां तक की काउंसलर के पास भी नहीं भेजा गया।

    18 महीने से परेशान

    नौ साल की बच्ची को करीब 18 महीने से परेशान किया जा रहा था। सपोर्ट करने या उसकी मदद करने के बजाय, टीचर ने उस पर कई बार चिल्लाया। इसके बाद खुद को अकेला महसूस कर रही अमायरा अपनी क्लास छोड़कर चौथी मंजिल पर गई और वहां से कूद गई।

    माता-पिता की शिकायत

    छात्रा के माता-पिता ने आरोप लगाया कि उसे अश्लील इशारों के साथ बुली किया गया, चिढ़ाया गया और गाली-गलौज की गई और स्कूल अधिकारियों ने बार-बार शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि न काउंसलिंग मिली न सुरक्षा, जिसके चलते मानसिक स्थिति बिगड़ती रही। बच्ची के स्कूल न जाने का आडियो NDTV को सुनाई गई, जिसमें बच्ची रोते हुए कहती है कि वह स्कूल नहीं जाना चाहती।


    पुलिस और सरकारी कार्रवाई में देरी

    बच्ची के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई में देरी की है और देर से सबूत इकट्ठा किए। स्कूल के सुरक्षा में मानकों बड़ी कमियां मिलीं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का विदेशों पर गठित शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि छात्रों ने आईडी कार्ड नहीं पहने थे. स्कूल में सुरक्षा समिति मौजूद नहीं थी। टीचर्स को एंटी-बुलिंग नियमों की ट्रेनिंग नहीं दी गई। सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई. CBSE की टीम ने भी स्कूल का विजिट किया पुलिस ने इस मामले में स्कूल के स्टाफ और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए।

    अमायरा के इंसाफ को लेकर स्कूल के बाहर मशाल जुलूस निकाला गया नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन भी किए। बीते 12 नवंबर को CBSE की दो सदस्यीय टीम ने अमायरा के माता-पिता से मुलाकात की। परिजन ने बताया कि बच्ची लगातार स्कूल में परेशान होने की बात कहती थी। टीम को सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई गई जिसमें बच्ची घटना से पहले टीचर से मदद मांगती नजर आई।

    स्कूल की मान्यता रद

    इसके बाद 20 नवंबर 2025 कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। घटना के करीब 50 दिन बाद स्कूल प्रशासन ने दो शिक्षकों को निलंबित भी किया। वहीं, अब 30 दिसंबर को CBS रद कर दी। E ने नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता बोर्ड ने लिखा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा।