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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan Politics: गहलोत सरकार के खिलाफ जनाक्रोश यात्रा निकालेगी भाजपा

By Jagran NewsEdited By: Sachin Kumar Mishra
Published: Sun, 13 Nov 2022 08:02 PM (IST)

Rajasthan Politics गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा की जनाक्रोश यात्रा की शुरुआत 26 नवंबर से हो जाएगी। जयपुर में 26 ...और पढ़ें

राजस्थान में गहलोत सरकार के खिलाफ जनाक्रोश यात्रा निकालेगी भाजपा। फोटो इंटरनेट मीडिया
राजस्थान में गहलोत सरकार के खिलाफ जनाक्रोश यात्रा निकालेगी भाजपा। फोटो इंटरनेट मीडिया

जागरण संवाददाता, जयपुर। Rajasthan Politics: राजस्थान में भाजपा (BJP) ने पोलिंग बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने की योजना बनाई है। करीब एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत तय करने के लिहाज से पार्टी ने प्रदेश के 52 हजार पोलिंग बूथों में से 48 हजार में फोटो युक्त कमेटियां गठित की गई हैं। राज्य के झुंझुनूं में प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया कि भाजपा प्रदेश में अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के खिलाफ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनआक्रोश यात्रा निकालेगी।

गहलोत सरकार की चौथी वर्षगांठ पर काला दिवस मनाएगी भाजपा

गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा की जनाक्रोश यात्रा की शुरुआत 26 नवंबर से हो जाएगी। जयपुर में 26 नवंबर को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता रखी गई है। 26 से 30 नवंबर तक इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गहलोत सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। गहलोत सरकार की चौथी वर्षगांठ पर 17 दिसंबर को काला दिवस मनाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम चौपाल एक से 10 दिसंबर तक लगाई जाएगी। 20 दिसंबर तक जनआक्रोश यात्रा निकाली जाएगी। दिसंबर के अंत में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।

2023 में भाजपा की सरकार बनाने का लिया संकल्प 

बैठक में प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि चौथी वर्षगांठ पर गहलोत सरकार जश्न मनाएगी, लेकिन जनता में गहलोत सरकार के खिलाफ आक्रोश है। यह जनआक्रोश तुष्टीकरण, किसान कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं होने, बेरोजगारी, अपराध में बढ़ोतरी और बेरोजगारी के खिलाफ है। बैठक में साल, 2023 में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया।

राजनीतिक प्रस्ताव पारित 

कार्यसमिति की बैठक में पारित किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें आम लोगों के लिए हितकर बताया। योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। काशी विश्वनाथ कारिडोर और महाकाल पुर्नविकास हो रहा है।

दलितों पर बढ़े अत्याचार

दूसरी तरफ, गहलोत सरकार के चार साल के कार्यकाल में सात हजार से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या हुई और आठ लाख 41 हजार से ज्यादा मुकदमें पुलिस थानों में दर्ज हुए हैं। चार साल में 27 हजार दुष्कर्म की घटनाएं हुईं, हत्याओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश पर कर्जभार बढ़कर चाार लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। चार साल में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ ही किसानों की कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं किया गया। हिंदुओं के धर्मांतरण की घटनाएं होने के साथ ही दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं।

बैठक में ये नेता रहे मौजूद

बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल सहित करीब पांच सौ नेता शामिल हुए।

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