विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: अलवर में राकेश टिकैत के काफिले पर हमले के आरोप में 16 गिरफ्तार

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Sat, 03 Apr 2021 03:59 PM (IST)Updated: Sat, 03 Apr 2021 04:15 PM (IST)

Rajasthan राकेश टिकैत के काफिले पर राजस्थान में अलवर जिले के ततारपुर चौराहे पर शुक्रवार शाम को हुए पथराव और ...और पढ़ें

अलवर में राकेश टिकैत के काफिल पर हमले के आरोप में 16 गिरफ्तार। फाइल फोटो
अलवर में राकेश टिकैत के काफिल पर हमले के आरोप में 16 गिरफ्तार। फाइल फोटो

जयपुर, जागरण संवाददाता। Rajasthan: भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के काफिले पर राजस्थान में अलवर जिले के ततारपुर चौराहे पर शुक्रवार शाम को हुए पथराव और तोड़फोड़ के आरोप में पुलिस ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मतस्य विवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप यादव शामिल हैं। यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता बताया जाता है। यादव को पुलिस पथराव और तोड़फोड़ का मुख्य साजिशकर्ता मान रही है। किसान यूनियन के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यादव जब छात्रसंघ अध्यक्ष थे तो उनके कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, करीब ढ़ाई दर्जन लोगों ने टिकैत के काफिले पर हमला किया था, अभी आठ लोगों को पकड़ा जाना शेष है। उन्हें पकड़ने को लेकर पुलिस टीम गठित की गई है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को टिकैत ने अलवर जिले में पहले हरसौली और फिर बानसूर में किसान सभा को संबोधित किया था। हरसौली से बानसूर जाते समय ततारपुर चौराहे पर उनके काफीले पर पथराव करने के साथ ही लाठियों से गाड़ियों के शीशे तोड़े गए थे। इस घटना के बाद टिकैत ने ट्वीट कर कहा कि अलवर में काफिल पर हमला सुनियोजित था। भााजपा के सांसद और विधायक अपने गुंडों से सड़क पर हमला कराएंगे तो यूपी में इनके सांसद और विधायकों को सड़क पर नहीं निकलने दिया जाएगा।

राजस्थान के हरसौली में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि दलित वही है जो खेत में काम करता है और गांव में रहता है। अब जमीन और गांव बचाने के लिए किसानों को दिल्ली की तरह लड़ाई करनी होगी। दिल्ली जैसे आंदोलन से ही राजस्थान में किसानों की जमीन बचेगी। तीनों कृषि कानूनों से किसानों का भला नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है, किसान अपनी उपज कहीं भी बेच सकता है तो फिर राजस्थान के किसानों का बाजरा हरियाणा में क्यों नहीं बिकता है। अब नए कृषि कानून बनाकर सब कुछ पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है। इसे किसानों को समझना चाहिए। टिकैत की सभा में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुट सकी। किसाान नेता कई दिनों से सभा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भीड़ नहीं जुटा सके। इस मौके पर राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील, किसान नेता दीनबंधु शर्मा व बलवीर छिल्लर ने संबोधित किया।