विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मेरे लिए किसानी पहले, सेहत बाद में', हाई पावर कमेटी से डल्लेवाल बोले- हमारी मांगों से सुप्रीम कोर्ट भी कर रहा किनारा

Published: Mon, 06 Jan 2025 04:44 PM (IST)Updated: Mon, 06 Jan 2025 08:51 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट की उच्च स्तरीय समिति ने खनौरी बॉर्डर पहुंचकर 42 दिनों से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत ...और पढ़ें

खनौरी बॉर्डर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात करने पहुंची विशेष कमेटी। (जागरण फोटो)
खनौरी बॉर्डर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात करने पहुंची विशेष कमेटी। (जागरण फोटो)

जागरण संवाददाता, खनौरी (संगरूर)। खनौरी बॉर्डर पर 42 दिन से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी से कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी किसानों की मांगों से किनारा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार किसानों की मांगें मान लें तो उन्हें किसी मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह अपना अनशन तुरंत समाप्त कर देंगे। सेवानिवृत्त जस्टिस नवाब सिंह के नेतृत्व में हाई पावर कमेटी किसान नेता से मुलाकात करने खनौरी पहुंची थी।

इस मुलाकात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के मुद्दे पर सोमवार को होने वाली सुनवाई भी टाल दी थी। डल्लेवाल से मुलाकात के बाद जस्टिस नवाब सिंह ने बातचीत में बताया कि मुलाकात में कमेटी के सदस्यों ने डल्लेवाल को दसवें पातशाह गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर बधाई दी।

उन्होंने कहा कि डल्लेवाल से हमने निवेदन किया कि हम उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए वाहेगुरु से प्रार्थना करते हैं तथा उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट लेने का अनुरोध किया। हमारे अनुरोध पर डल्लेवाल ने कहा कि मेरे लिए किसानी पहले है, सेहत बाद में।

'सुप्रीम कोर्ट भी किसानों की बात करने को तैयार नहीं'

देश में सात लाख किसान ऋण के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। डल्लेवाल ने कमेटी सदस्यों से कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट को उनकी सेहत का ख्याल है तो वह तुरंत केंद्र सरकार को आदेश दे परंतु सुप्रीम कोर्ट भी किसानों की बात करने को तैयार नहीं है।

पंजाब के एडवोकेट जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप केंद्र सरकार को तुरंत बात करनी चाहिए तो उनकी बात बीच में ही रोक दी गई। इससे स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट भी किसानों की मांगों से किनारा कर रहा है। ऐसी स्थिति में किसान कहां जाएं? वह उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश जारी करेगा क्योंकि किसानों की मांगों का समाधान केंद्र ही कर सकता है।

कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि डल्लेवाल से वादा किया गया है कि आप जब भी बुलाओगे, हम आएंगे। उन्होंने पत्रकारों के अधिकांश प्रश्नों के उत्तर में यही कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के प्रति उत्तरदायी हैं तथा अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे।

आगे की रणनीति पर निर्णय शीघ्र

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के साझा आंदोलनस्थल शंभू बार्डर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व पाठी रागी कीर्तन करके मनाया गया। किसान मजदूर मोर्चा के प्रधान सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आगे की रणनीति पर शीघ्र ही बड़ा फैसला लिया जाएगा। किसानों को बातचीत के लिए राष्ट्रपति से नहीं मिला समय

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के संगठनों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय नहीं मिल पाया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से कहा गया है कि समय की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं है। एसकेएम ने कहा कि गतिरोध का समाधान निकालने में प्रधानमंत्री व उच्चतम न्यायालय के असमर्थता के कारण राष्ट्रपति से आग्रह है कि वह किसानों के बातचीत के अनुरोध पर पुनर्विचार करें। एसकेएम ने राष्ट्रपति से समय नहीं मिलने पर गहरा खेद व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें- प्रकाश पर्व पर गोल्डन टेंपल में उमड़ी भीड़, कड़ाके की ठंड में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी; देखें Photos

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।