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    '7 किसान आमरण अनशन पर बैठने को तैयार', केंद्र से अभी तक बातचीत के संदेश नहीं मिलने पर डल्लेवाल ने जताई नाराजगी

    Updated: Mon, 02 Dec 2024 10:18 PM (IST)

    खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी है। सात दिन से अन्न का सेवन न करने के कारण उनका वजन आठ किलो कम हो गया है। किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए यह लड़ाई लड़ी जा रही है।

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    सात दिनों से जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी।

    जागरण संवाददाता, संगरूर। खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को कहा कि सात दिन से मरणव्रत जारी है और छह दिसंबर को किसान शंभू बार्डर से दिल्ली कूच करेंगे, परंतु अभी तक केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई संदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह स्पष्ट समझ ले कि दस माह से खनौरी, शंभू व रत्नपुरा बार्डर पर चल रहे पक्के मोर्चे में आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कोई गीदड़ भभकी नहीं है, बल्कि सात किसान आमरण अनशन पर बैठने के लिए तैयार हैं।

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    उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसानों की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ी जा रही है। किसानों की मांगें पूरी होने पर ही आमरण अनशन व आंदोलन समाप्त होगा। भाकियू सिद्धूपुर के प्रांतीय प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने खनौरी बार्डर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके इरादे पूरी तरह मजबूत हैं व शरीर का भार कम होना कोई अर्थ नहीं रखता। उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के गत दिवस सामने आए बयान का स्वागत करते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति ने किसानी पर गहरी चिंता जताई है।

    सात लाख किसान कर चुके हैं आत्महत्या

    धनखड़ ने कहा कि देश को दुनिया की ताकत बनाना है तो किसानी की देश में अहम जगह होनी चाहिए। उन्होंने धनखड़ से अपील की कि उपराष्ट्रपति की कुर्सी देश की दूसरी सबसे पावरफुल सीट है, सात लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं, आत्महत्याएं रोकने व किसानी को बचाने के लिए एमएसपी कानून बनाने, किसानों का पूरा ऋण माफ करने तथा डा. स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की जरूरत है इसलिए उपराष्ट्रपति किसानी मांगों को पूरा करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं।

    अनशन से आठ किलो भार कम

    उन्होंने कहा कि लोकसभा के नए चुने गए सांसदों ने संसद में सेशन में प्राइवेट मेंबर बिल लाने का वादा किया था, यदि वे अपना वादा पूरा नहीं करते तो उन्हें भी सबक सिखाया जाएगा। सात दिन में आमरण अनशऩ से भार आठ किलो कम हुआ सोमवार को डल्लेवाल का आमरण अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर गया।

    सात दिन में आमरण अनशऩ से उनका भार आठ किलो कम हो गया है। वह अन्न का सेवन नहीं कर रहे हैं, वह केवल पानी पी रहे हैं। डाक्टरों द्वारा किए गए उनके चेकअप में बीपी अधिक पाया गया जबकि शुगर लेवल लगातार कम हो रहा है।