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    रूपनगर: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 07:51 PM (IST)

    कृष्णा नंद ने आनंदपुर साहिब के एक निजी अस्पताल पर अपनी पत्नी अमिता देवी की ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से मौत का आरोप लगाया है। डॉक्टर सारिका जसवाल ने पे ...और पढ़ें

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    ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत। सांकेतिक फोटो

    संवाद सहयोगी, आनंदपुर साहिब (रूपनगर)। प्रेस भवन आनंदपुर साहिब में कृष्णा नंद वासी श्री नयना देवी जिला बिलासपुर ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि आनंदपुर साहिब के एक निजी अस्पताल द्वारा उनकी पत्नी अमिता देवी के आपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई है।

    कृष्णा नंद के साथ आए संदीप चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत और विधि सिंह, पूर्व प्रधान गांव घवांडल ने जिला पुलिस प्रशासन से मांग की है कि परिवार को इंसाफ दिलाया जाए। कृष्णा नंद ने बताया कि तीन दिसंबर को उन्होंने अपनी पत्नी अमिता देवी को निजी अस्पताल के डॉक्टर सारिका जसवाल के पास रुटीन जांच के लिए लाया था।

    डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करने के बाद बताया कि पेट में एक क्लाट है और बीस मिनट का एक छोटा आपरेशन करवाने की सलाह दी। डा. सारिका जसवाल ने फोन करके छह दिसंबर को आपरेशन करवाने के लिए बुलाया। डॉक्टर ने लेप्रोस्कोपिक आपरेशन का समय 20 मिनट बताया।

    आपरेशन के लिए ले जाने के एक घंटे बाद भी जब उसकी पत्नी को बाहर नहीं लाया गया तो कृष्णा नंद ने पूछताछ की। उन्हें बताया गया कि अमिता देवी को दस मिनट में बाहर लाया जाएगा। जब उनका सब्र टूट गया तो वे आपरेशन थिएटर में चले गए।

    उन्होंने अमिता देवी की बेहोशी का कारण पूछा तो डॉक्टर सारिका जसवाल ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन वे जबरदस्ती अपनी पत्नी के पास पहुंच गए और देखा कि अमिता देवी के माथे पर चोट का एक बड़ा निशान था।

    डॉक्टर ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और फिर उन्हें बाहर निकाल दिया। करीब सात बजे बिना किसी भरोसे के अस्पताल के डा. सारिका और डा. आकाश ने गुरुदेव अस्पताल नूरपुरबेदी से वेंटीलेटर वाली एंबुलेंस मंगवाकर अपने अस्पताल के पिछले गेट के माध्यम से अगले इलाज के लिए अमिता देवी को भेज दिया।

    सात दिसंबर की सुबह अमिता देवी की खराब होती हालत को देखते हुए कृष्णा नंद ने उसे मोहाली के एक निजी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। वहां डॉक्टर की टीम ने बताया कि आनंदपुर साहिब में आपरेशन के दौरान अमिता देवी के दिमाग को कुछ समय के लिए आक्सीजन नहीं मिली, जिसके कारण दिमाग के सेल डिफ्यूज हो गए हैं।

    कृष्णा नंद ने बताया कि 15 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी की आनंदपुर साहिब के निजी अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही के कारण मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी तीन साल की बेटी भी है और अमिता देवी हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में अध्यापिका के रूप में कार्यरत थीं।

    कृष्णा नंद ने कहा कि उन्होंने इस घटना के संबंध में मुख्यमंत्री पंजाब, मेडिकल कौंसिल आफ पंजाब, सेहत मंत्री पंजाब, जिला पुलिस प्रमुख रूपनगर और सिविल सर्जन रूपनगर को लिखित शिकायत देकर अपनी और अपनी बेटी की न्याय की अपील की है।

    हमने कोई लापरवाही नहीं बरती: डा.सारिका

    निजी अस्पताल की डॉक्टर सारिका जसवाल ने कृष्णा नंद के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने अमिता देवी का आपरेशन किया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती। डॉक्टर सारिका जसवाल के पति ने कहा कि आपरेशन के दौरान मरीज के दिल की धड़कन में समस्या आई थी, लेकिन वह भी ठीक हो गई थी।

    शिकायत आने पर करेंगे कार्रवाई: डीएसपी

    आनंदपुर साहिब के डीएसपी जश्नदीप मान ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर ही वे कुछ कह सकेंगे।