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    'कानून बना दीजिए या मेरी कुर्बानी के लिए तैयार रहें...', जगजीत सिंह डल्लेवाल ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

    Updated: Thu, 12 Dec 2024 07:43 PM (IST)

    किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल (Jagjit Singh Dallewal) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) को एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून समेत 13 मांगों को पूरा करने की मांग की है। किसान नेता डल्लेवाल ने अपने पत्र में कहा है कि वह 26 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है।

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    किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पीएम मोदी को लिखी लिखी है।

    जागरण संवाददाता, राजपुरा। 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम वीरवार को खुला पत्र लिखा गया। जिसे शंभू बॉर्डर पर भी सभी किसान नेताओं ने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। इस खुले पत्र में डल्लेवाल ने लिखा कि मैं देश का एक साधारण किसान जगजीत सिंह डल्लेवाल बड़े दुःखी और भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूँ।

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    उन्होंने आगे लिखा कि एमएसपी गारंटी कानून समेत 13 मांगों को पूरा कराने के लिए 13 फरवरी से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसान आंदोलन चल रहा है।

    बताया क्यों शुरू किया आमरण अनशन

    डल्लेवाल ने आगे लिखा कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र 'भारत' की सरकार टस से मस नहीं हुई, तो दोनों मोर्चों के फैसले के अनुसार मैंने 26 नवम्बर से आमरण अनशन शुरू किया है। मेरे आमरण अनशन का आज 17वां दिन है, मुझे उम्मीद है कि आप के सलाहकारों ने मेरे स्वास्थ्य व आंदोलन की स्थिति के बारे में आपको अवगत करा ही दिया होगा।

    जिन मांगों पर हमारा आंदोलन चल रहा है, ये सिर्फ हमारी मांगें नहीं हैं बल्कि सरकारों द्वारा अलग-अलग समयों पर किए गए वादें हैं। आपको याद ही होगा कि 2011 में जब आप गुजरात के मुख्यमंत्री और उपभोक्ता मामलों की कमेटी के चेयरमैन थे, तो आप ने तत्कालीन प्रधानमंत्री माननीय डॉ. मनमोहन सिंह जी को चिट्ठी भेजकर कहा था कि किसान और व्यापारी के बीच में फसल खरीदी सम्बन्धी कोई भी लेनदेन सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी से नीचे नहीं होना चाहिए और इसके लिए कानून बनना चाहिए। लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद आज तक आपने अपने खुद के वादें को पूरा नहीं किया।

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    स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले को लागू करने की मांग

    2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आप ने कहा था कि यदि आप प्रधानमंत्री बने तो पहली कलम से स्वामीनाथन आयोग के सी2+ 50 प्रतिशत फॉर्मूले को लागू करेंगे, लेकिन 2015 में आपकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि आप स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 प्रतिशत फॉर्मूले को लागू नहीं कर सकते।

    पंजाब की चीमा मंडी में 32 दिन धरना देने के बाद 2018 में मैंने और अन्ना हजारे जी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आमरण अनशन किया तो प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से तत्कालीन कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह जी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी हमें डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा हस्ताक्षरित चिट्ठी सौंप के गए थे, जिसमें लिखा था कि अगले 3 महीने में स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 प्रतिशत फॉर्मूले को लागू कर देंगे, लेकिन 6 वर्ष बीत जाने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया। 2020-21 में 378 दिनों तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन को स्थगित करते समय केंद्र सरकार ने हर किसान के लिए MSP सुनिश्चित करने समेत अनेकों वादें किए थे, जो आज तक अधूरे हैं।

    एमएसपी देना मौलिक अधिकार के समान

    उन्होंने आगे लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री जी, हर किसान को एमएसपी सुनिश्चित करना जीवन जीने के मौलिक अधिकार के समान है, एमएसपी कानून न बनाकर केंद्र सरकार करोड़ों किसानों को गरीबी, कर्ज और मौत की तरफ धकेल रही है।

    दोनों मोर्चों के फैसले के अनुसार मैंने निर्णय लिया कि किसानों की मृत्यु को रोकने के लिए मैं अपनी शहादत दूं, मुझे उम्मीद है कि मेरी शहादत के बाद केंद्र सरकार नींद से जागेगी और एमएसपी गारंटी कानून समेत हमारी 13 मांगों को पूरा करने की तरफ आगे बढ़ेगी। अब आप के पास दो विकल्प हैं, या तो आप अपने 2011 में किए वादें को पूरा करते हुए देश के किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून बना दीजिए या फिर आप मेरे आमरण अनशन के माध्यम से मेरी कुर्बानी लेने के लिए तैयार रहें।

    यह मेरा पहला और आखिरी पत्र: डल्लेवाल

    किसान नेता ने लिखा कि माननीय नरेंद्र मोदी जी, मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यदि मेरी मृत्यु होती है, तो उसकी जिम्मेदारी आप की होगी क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा किसानों से बार-बार की जा रही वादा खिलाफी से आहत होकर मैंने अपना आमरण अनशन शुरू किया है।

    जिसे आज 17 दिन हो चुके हैं, मैं ये भी स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यदि शम्भू, खनौरी या रत्नपुरा मोर्चों पर पुलिस की हिंसात्मक कारवाई में कोई जानमाल का नुकसान हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी भी आपकी होगी। प्रधानमंत्री जी, ये मेरा आपके नाम पहला और आखिरी पत्र है, अब तय आप को करना है कि आप एमएसपी गारंटी कानून बनाएंगे या फिर देश का पेट भरने वाले मेरे जैसे एक साधारण किसान जगजीत सिंह डल्लेवाल की बलि लेंगे।

    कल 10 महीने पूरे होने पर बॉर्डरों पर होंगे इकट्ठा

    किसान नेता तेजवीर सिंह ने एलान किया कि शुक्रवार को किसानी आंदोलन 2.0 के 10 महीने पूरे होने जा रहे हैं। इस दिन बॉर्डरों पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा किए जाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक गिनती में किसानों को लंगर लेकर बॉर्डरों पर पहुंचने की अपील की। तेजवीर सिंह ने कहा कि शनिवार को तीसरी बार 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच भी करने जा रहा है। इसके लिए किसान पूरी तरह से तैयार हैं।

    पंधेर ने दी चेतावनी

    गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने चेतावनी दी कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है। इसलिए परिस्थितियां हाथ से न निकल जाएं, इसलिए केंद्र सरकार तुरंत किसानों के साथ बात करें। पंधेर ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व पंजाब के डीजीपी से भी अपील की कि वह इस संबंध में केंद्र पर दवाब बनाएं। वरना बॉर्डरों पर कोई ऐसी घटना न हो जाए, जो सुखद न हो।

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