जागरण संवाददाता, पटियाला : वरिष्ठ कांग्रेस नेता केके शर्मा ने पीआरटीसी की चेयरमैनशिप से हटाए जाने के बाद कांग्रेस छोड़ने के संकेत दिए हैं। हालांकि इस बारे में अभी अंतिम फैसला लेना बाकी है लेकिन उन्होंने कहा कि वह शहर के प्रमुख नेता कैप्टन अमरिदर के साथ ही हैं। पीआरटीसी की चेयरमैनशिप जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शर्मा ने कहा कि उनके लिए पद नहीं बल्कि वफादारी ज्यादा महत्वपूर्ण है और वह कैप्टन अमरिदर के साथ थे और साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में इस समय तीन-चार अलग-अलग ग्रुप हैं। वह नवजोत सिद्धू के नेतृत्व में काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर के अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिग करके भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी और सार्वजनिक कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि सांसद परनीत कौर के करीबी पटियाला के कांग्रेसियों के पर कतरने का राज्य सरकार का सिलसिला जारी है। इस क्रम में पीआरटीसी के चेयरमैन केके शर्मा को चेयरमैनशिप से हटा दिया गया है। उनकी जगह सतविदर सिंह को पीआरटीसी का चेयरमैन बनाया गया। कैप्टन अमरिदर द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने और नई पार्टी के गठन का ऐलान करने के बाद परनीत कौर के किसी करीबी को उसके पद से हटाने का यह पहला बड़ा मामला है। शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की थी आशंका

परनीत कौर के सबसे ज्यादा करीबियों में प्रमुख तौर पर शामिल केके शर्मा के खिलाफ चन्नी सरकार के दौरान कार्रवाई होने की आशंका पहले ही बनी हुई थी। पिछले दिनों ही वह परनीत कौर और पटियाला निगम के कई पार्षदों और स्थानीय कांग्रेस लीडरशिप के साथ कैप्टन अमरिदर को उनके सिसवां स्थित फार्म हाउस में मिलकर आए थे। इससे पहले जब ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वड़िग पटियाला बस अड्डे पर चेकिग के लिए पहुंचे थे तो तब भी केके शर्मा उन्हें मिलने नहीं पहुंचे थे। इस मौके जब राजा वड़िग से इस बारे सवाल किया गया था तो उन्होंने भी तीखे तेवर दिखाते हुए जवाब दिया था कि कौन केके शर्मा। निगम कमिश्नर के पास नहीं पहुंचा जनरल हाउस मीटिग के लिए पत्र

दूसरी ओर नगर निगम कमिशनर के पास जनरल हाउस मीटिग बुलाने के लिए बुधवार को स्थानीय निकाय विभाग से कोई पत्र नहीं पहुंचा। इसकी पुष्टि निगम कमिश्नर विनीत कुमार ने की। पटियाला के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को हटाने का प्रोसेस पहले ही चल रहा है। संजीव बिट्टू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पटियाला के 43 पार्षद पहले ही अपना मांग पत्र स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिदरा को सौंप चुके हैं। मंत्री ने भी उक्त पत्र स्थानीय निकाय विभाग के सेक्रेटरी को सौंप दिया है। बुधवार को निगम में उत्सुकता का माहौल बना रहा कि सेक्रेटरी द्वारा हाउस मीटिग बुलाने के लिए निगम कमिश्नर को पत्र भेजा जाएगा लेकिन आज कोई पत्र नहीं आया।

Edited By: Jagran