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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kisan Andolan: किसानों का शंभू रेलवे ट्रैक पर धरना खत्‍म, बॉर्डर पर जारी रहेगा आंदोलन; बोले- PM की रैली का करेंगे विरोध

Published: Mon, 20 May 2024 05:48 PM (IST)

Kisan Andolan पंजाब के शंभू रेलवे ट्रैक (Shambhu Railway Track) पर किसानों का धरना खत्‍म हो गया है। वहीं बॉर्डर ...और पढ़ें

किसानों का शंभू रेलवे ट्रैक पर धरना खत्‍म, बॉर्डर पर जारी रहेगा आंदोलन
किसानों का शंभू रेलवे ट्रैक पर धरना खत्‍म, बॉर्डर पर जारी रहेगा आंदोलन

जागरण संवाददाता, राजपुरा (तनेजा)। किसान आंदोलन 2 (Kisan Andolan 2) के 100 दिन पूरे होने और शंभू रेलवे स्टेशन पर तीनों किसानों की रिहाई को लेकर चल रहे रेल रोको आंदोलन के संबंध में किसानो द्वारा पत्रकारों से वार्ता की ।

किसान नेता मनजीत सिंह ने बताया कि शंभू रेल्वे ट्रैक से टेंट सहित अन्य चीजें हटवा दी गई हैं। जल्द ही पूरी तरह से रेलवे ट्रैक को खाली कर दिया जाएगा और सभी बॉर्डर पर धरना इसी तरह जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन 2 के 100 दिन पूरे होने पर शंभू बॉर्डर, खनोरी, डबवाली और रतनपुरा में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं और देश भर से सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे किसानों के रुकने के और उनकी लंगर की व्यवस्था कर ली गईं हैं।

रेलवे ट्रैक किया गया खाली

हरियाणा सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों किसानों की रिहाई को लेकर एक महीने से शंभू रेलवे स्टेशन पर चल रहे रेल रोको आंदोलन के बारे में किसान नेता मनजीत सिंह ने बताया टेंट हटवाने सहित ट्रैक खाली करना शुरू कर दिया है। आज शाम को ही तुरंत प्रभाव से किसान शंभू रेलवे स्टेशन और रेल ट्रैकों से उठ जाएंगे। अपने साथी किसानों की रिहाई को लेकर आने वाले दिनों में पंजाब और हरियाणा के भाजपा नेताओं के घरों का घेराव किया जाएगा।

पीएम मोदी की रैली का विरोध करेंगे किसान

23 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटियाला में चुनावी सभा करने के बारे में किसान नेताओं ने बताया कि अपनी कॉल के अनुसार किसान सांविधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल करेंगे। साथ ही उनसे पूछेंगे कि आखिर क्यों उन्होंने किसानों के साथ पिछले आंदोलन में छल कपट किया और झूठ बोला।

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किसानों, खेत मजदूरों, छात्रों, ठेका मजदूरों, औद्योगिक मजदूरों, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों और बिजली कर्मचारियों आदि से संबंधित लगभग दो दर्जन संगठन 26 मई को अनाज मंडी बरनाला में लोक संग्राम रैली कर रहे हैं। संगठन ने घोषणा की है कि भाजपा का विरोध करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के तहत 23 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटियाला यात्रा के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

जनविरोधी नीतियां लागू करने वाली हैं पार्टियां: उगराहां

भाकियू (एकता-उग्राहां) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि किसी भी वोट पार्टी के पास बेरोजगारी जैसे जनता के ज्वलंत,मौलिक मुद्दे नहीं हैं, गरीबी, महंगाई, कर्ज, आत्महत्या आदि समस्याओं के समाधान के लिए कोई कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये सभी पार्टियां सामंतों, सूदखोरों, साम्राज्यवादियों और देशी विदेशी कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में जनविरोधी नीतियां लागू करने वाली पार्टियां हैं, जो एक आम सहमति है। जिसके कारण रोजाना एक पार्टी के नेता दूसरी पार्टी या तीसरी पार्टी में बदल रहे हैं।

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राज्य के वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठुके ने कहा कि लोगों की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए भूमि सुधार लागू करें, एक ऐसी कृषि नीति बनाएं जो किसानों-मजदूरों और पर्यावरण के पक्ष में हो। महिलाओं को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि हम पर राज करने वाले शासक 70 वर्षों से झूठे वादे करके हमें लूट रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में चुनाव प्रचाार के लिए आ रहे हैं।