यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest: 8 दिसंबर को 'दिल्ली कूच' करेंगे किसान, सरवन सिंह पंढेर का एलान, 'केंद्र के पास कल तक का समय'
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने एलान किया है कि 101 किसानों का जत्था 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे ...और पढ़ें

HighLights
- किसान दिल्ली कूच अब 8 दिसंबर को करेंगे
- सरवन सिंह पंढेर बोले- केंद्र से बात करने के लिए हम तैयार
- आज हुए प्रदर्शन में 8 किसान घायल हुए हैं
एएनआई, पटियाला। शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच तनातनी के बाद दिल्ली कूच का मार्च फिलहाल रुक गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने प्रेसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब 101 किसानों का जत्था 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दिल्ली की ओर कूच करेगा।
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम वार्ता के लिए तैयार हैं। कल (शनिवार) का दिन केंद्र सरकार से बातचीत के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। हम कल तक इंतजार करेंगे। हम चाहते हैं कि बातचीत हो। हम सरकार से टकराव नहीं चाहते, हम शांतिपूर्ण रहेंगे।
'शंभू बॉर्डर पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले'
आज 101 किसानों का जत्था शंभू बॉर्डर पर हरियाणा में जैसे ही एंट्री के लिए आगे बढ़ा तभी हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की। शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा सीमा पर शम्भू में लगाए गए बहुस्तरीय बैरिकेड्स के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। जिसके बाद प्रदर्शनकारी वापस जाने के लिए मजबूर हो गए।
प्रदर्शन में 16 से ज्यादा किसान घायल
हरियाणा पुलिस के अधिकारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लगाए गए निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारी किसानों से आगे नहीं बढ़ने के लिए कहते रहे। प्रदर्शकारियों ने सड़क से लोहे की कीलें और कंटीले तार उखाड़ दिए।

जब उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए तो वे खुद को गीले जूट के बोरे से ढकते नजर आए। किसानों ने दावा किया कि हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर आंसू गैस के गोले दागे। किसान शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे।
शंभू बार्डर पर हरियाणा पुलिस की इस कार्यवाही से करीब 16 किसान जख्मी हुए हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग किसान हैं। इन्हें राजपुरा के सिविल अस्पताल व एपी जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों में डेरा बाबा नानक के हरप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, तरनतारन के 59 वर्षीय अजमेर सिंह, बठिंडा के 68 वर्षीय सुरजीत सिंह फूल, मजीठा के 65 वर्षीय जसवंत सिंह, गुरदासपुर के जतिंदर सिंह व बलबीर सिंह, अमृतसर के 70 वर्षीय मदरंन सिंह, अवतार सिंह व बुद्ध सिंह, पटियाला के जगतार सिंह, तरनतारन के 80 वर्षीय जस्सा सिंह शामिल हैं। बाकी पांच घायल भी जिला गुरदासपुर व अमृतसर के हैं।
अंबाला के गांवों में इंटरनेट बंद
अंबाला जिला प्रशासन ने पहले ही बीएनएसएस की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी कर दिया है, जिसमें जिले में पांच या अधिक लोगों के किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े पर रोक लगा दी गई है।
हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने बहुस्तरीय बैरिकेड्स लगाए हैं और दिल्ली की ओर अपने पैदल मार्च के हिस्से के रूप में बामुश्किल कुछ मीटर चलने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों के 'जत्थे' को रोक दिया गया और कहा गया कि उनके पास आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है।
किसानों के मार्च शुरू करने से कुछ समय पहले हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को एहतियात के तौर पर अंबाला जिले के 11 गांवों में 6 से 9 दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया।
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