यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pathankot News: PUNBUS कर्मियों ने दो घंटे तक रखा चक्का जाम, प्रबंधक के खिलाफ जताया विरोध; यात्री परेशान
Pathankot News पंजाब के पठानकोट में पनबस कर्मियों ने प्रबंधक के खिलाफ दो घंटे तक विरोध किया। यात्रियों को दिक्कतों ...और पढ़ें

HighLights
- कर्मियों ने दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक पूरी तरह से चक्का जाम रखा।
- टीम ने प्रबंधक को पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया।
- हड़ताल पर गए कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया गया है।
जागरण संवाददाता, पठानकोट। पनबस कर्मियों ने शुक्रवार को दो घंटे तक हड़ताल कर प्रबंधक के खिलाफ विरोध जताया। इस बीच पनबस कर्मी डिपो के मुख्य गेट के समक्ष खड़े हो गए और किसी भी बस को न तो अंदर आने दिया और न ही बाहर जाने दिया। पनबस कर्मियों ने जनरल मैनेजर पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी तानाशाही करके कर्मियों को जानबूझ कर परेशान कर रहे हैं। इसके रोष स्वरूप पनबस कर्मी ऐसा कदम उठाने को मजबूर हुए हैं।
कर्मियों ने दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक पूरी तरह से चक्का जाम रखा। दो घंटे तक सरकारी बस सेवा प्रभावित होने के कारण पठानकोट से जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़, जम्मू व हिमाचल प्रदेश आदि क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे पहले पनबस कर्मी शाखा प्रधान जितेंद्र सिंह और सेंटर बाडी सदस्य राज कुमार के नेतृत्व में इकट्ठे हुए।
प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी
टीम ने प्रबंधक को पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया, लेकिन उन्होंने उनकी कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद सभी कर्मी डिपो के मेन गेट पर पहुंचे और दो घंटे की हड़ताल की बात कहते हुए प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी शाखा प्रधान जितेंद्र सिंह, सेंटर बाडी सदस्य राज कुमार व मुकेश तरनाच ने कहा कि प्रबंधक अपनी मर्जी से बसों को चलाने की बात करते हैं।
लोकल रूट पर भेजा जा रहा
अमृतसर रूट पर वह अपनी मर्जी से बसों को भेजते हैं, जिससे जहां यात्रियों को दिक्कतें आती है, वहीं उन्हें भी लांग रूट से आने के बाद लोकल रूट पर भेजा जा रहा है। इस पर जब वह बात करते हैं तो जवाब मिलता है कि आठ घंटे की ड्यूटी करनी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए प्रबंधक ने पिछले दिनों फरीदकोट, बठिंडा व डबवाली के लिए बस सेवा शुरू की थी जो एक दिन दूसरी साइड और एक दिन इस तरफ से चलनी चाहिए।
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लेकिन, जिस दिन बस वहां से आती है, उसी दिन उसे वापस भेज देते हैं, जिस कारण उक्त बस का ज्यादा रिस्पांस नहीं मिल रहा। अगर कोई बात करते हैं तो उन पर रिकवरी डाल कर परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि अभी तक वह दो घंटे के लिए हड़ताल पर बैठे हैं, अगर प्रबंधक ने अपने रवैया में बदलाव न किया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे।
हड़ताल के चलते यात्री हुए परेशान
पठानकोट निवासी राकेश कुमार, मीनू व सरुति ने बताया कि उसे डलहौजी जाना है। वह साढ़े बारह बजे बस स्टैंड पहुंच गया था। पता चला कि यहां से बस नहीं जा रही है, क्योंकि पनबस कर्मियों ने दो घंटे के लिए कामकाज ठप कर दिया है। अब उन्हें मजबूरन 20 रुपये खर्च करके मलिकपुर चौक जाना पड़ेगा। क्योंकि, वहां से अन्य राज्यों की बस पकड़ कर वह गंतव्य तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल का पता होता तो घर से ही नहीं निकलते।
जालंधर जाने वाले पवन कुमार, सोम राज, जोध राज ने बताया कि वह वेल्डिंग का काम करता है। एक सप्ताह पहले वह अपनी बहन से मिलने के लिए गुरदासपुर गया था। हड़ताल होने की जानकारी उसे नहीं थी। उसने पठानकोट बस स्टैंड तक की टिकट ली थी। बस चालक ने उसे यहीं पर उतार दिया। चालक ने बताया कि आगे की बस यहीं से मिलेगी, लेकिन बस नहीं मिल रही। अब वह दोबारा बाईपास जाने को मजबूर हैं।
दो घंटे की हड़ताल पर पनबस कर्मी
पठानकोट से अमृतसर जाने वाली महिला यात्री मधू बाला, कमलेश कुमारी व आशा रानी ने बताया कि एक बजे से लेकर दो बजे के बीच एक भी सरकारी बस नहीं गई। पता चला है कि पनबस कर्मी दो घंटे की हड़ताल पर हैं। ऐसे में गुरदासपुर, बटाला आदि क्षेत्रों में जाने वालों को प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को रोडवेज की बसों में निश्शुल्क सर्विस दी हैं। लेकिन, कभी बसें कम तो कभी कर्मियों की हड़ताल के कारण उन्हें ज्यादा दिक्कतें पेश आती हैं।
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कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया है
उधर, मामले को लेकर डिपो प्रबंधक मंदीप सिंह ने कहा कि वह अपने तरीके से कोई ड्यूटी नहीं लगा रहे, जो भी कार्य है, वह सरकार के आदेशानुसार ही लिया जा रहा है। हड़ताल पर गए कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया गया है। संभवता उनकी मांग का कोई न कोई समाधान जरूर निकाला जाएगा, ताकि यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
