लुफ्त हो रहे पंजाबी विरसे को संभालने की जरूरत : डा. राजेश्वर सिंह
दोआबा ग्रुप आफ कालेजेस राहों में तीज बहुत ही धूमधाम से मनाई गई। ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, राहों : दोआबा ग्रुप आफ कालेजेस राहों में तीज बहुत ही धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर छात्राओं ने एक दूसरे को मेहंदी लगा कर तथा गिद्दा तथा डांस करके भवन गीतों पर डांस करके तीज का त्योहार मनाया गया। लेक्चरर इरविदर कौर तथा लेक्चरर नानक शरण सिंह की अगुवाई में आयोजित समारोह में राहों कैंपस के डायरेक्टर डा. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में हाजिर थे। समारोह की शुरुआत छात्राओं द्वारा स्वागत गीत पेश करके की गई। इस कार्यक्रम में कालेज की छात्राओं ने पंजाबी पहरावे में तैयार होकर पहुंची तथा छात्राओं ने सांस्कृतिक गीत, गिद्दा, भांगड़ा करके कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर छात्राओं ने पींघे के हुलारे पर झूल कर खूब आनन्द प्राप्त किया। समारोह के दौरान मिस तीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। समारोह के दौरान छात्राओं ने एक दूसरे को मेहंदी लगाई।
इस अवसर पर कैंपस के डायरेक्टर डा. राजेश्वर सिंह ने कहा कि तीज का त्योहार हमारे पंजाबी विरसे का अभिन्न अंग है। लुप्त हो रहे पंजाबी विरसा संभालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीज का त्योहार मनाना बड़े ही गर्व की बात है, इससे बच्चों को पुरातन विरसे से जुड़ने का मौका मिलता है। वहीं बच्चों का मनोरंजन भी होता है। इस त्योहार को पंजाब की समृद्ध संस्कृति के साथ बड़े उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए। पंजाबी विरसे को लुप्त होने तथा संरक्षित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना अति आवश्यक है। समारोह में पुरातन युग के सामान जैसे चरखा, पंखी, मंजे, पीढ़ी, पीतल और मिट्टी के बर्तन, मधानी आदि की प्रदर्शनी लगाई गई। ताकि छात्राओं को भी पुरातन बिरसे से जोड़ा जा सके।

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