Punjab News: बच्चों की सेहत बिगाड़ रहे एनर्जी ड्रिंक्स, अब स्कूलों के पास नहीं होगी बिक्री
पंजाब सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की उच्च मात्रा बच्चों के लिए हानिकारक है और नशे की लत लगा सकती है। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इस आदेश को लागू करने के निर्देश दिए हैं और लोगों से सहयोग करने का आग्रह किया है।

जागरण संवाददाता, नवांशहर। Punajb News: पंजाब सरकार ने स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक लगा दी है। कारण, एनर्जी ड्रिंक बच्चों की सेहत के लिए काफी हानिकारक है और इससे बच्चों को कैफीन की लत लग सकती है।
इसलिए स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है, जिसे लागू करने के लिए अब सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरजीत सिंह ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निर्देश दे दिए हैं।
एनर्जी ड्रिंक में होती है कैफीन की उच्च मात्रा
सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरजीत सिंह बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के 50 मीटर तथा गांवों में 100 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। एनर्जी ड्रिंक्स पर प्रतिबंध को लेकर जिले में आम जनता में जागरूकता फैलाई जा रही है।
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उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घर में भी एनर्जी ड्रिंक न लाएं। एनर्जी ड्रिंक्स से नशे की प्रवृत्ति बढ़ती है, क्योंकि इनमें कैफीन और चीनी की मात्रा अधिक होती है, जो उत्तेजना पैदा करते हैं। हाल के वर्षों में, ऊर्जा बढ़ाने वाले या आहार पूरक के रूप में कई अलग-अलग ऊर्जा पेय बाजार में पेश किए गए हैं।
इन पेय पदार्थों में कैफीन की उच्च मात्रा होती है जो तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती हैं। ये मानव शरीर के लिए हानिकारक हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि बच्चों की कैफीनयुक्त पेय पदार्थों तक पहुंच गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें और उन्हें इससे दूर रखें।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें करेंगी स्कूल कैंटीन का निरीक्षण
सिविल सर्जन ने कि एनर्जी ड्रिंक्स से हृदय, तंत्रिका, मनोवैज्ञानिक, जठरांत्र, पाचन और गुर्दे संबंधी प्रणालियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं या स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी हानिकारक है। ऐसे में लोग पंजाब सरकार के इस फैसले में योगदान दे।
पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से स्कूल कैंटीनों का निरीक्षण करेंगी और इस प्रतिबंध को सुनिश्चित करेंगी। स्कूलों के आसपास के दुकानदारों को भी निर्देश दिया जाएगा कि वे एनर्जी ड्रिंक्स न बेचें और न ही इसके विज्ञापन लगाएं।
एनर्जी ड्रिंक शरीर को करते हैं उत्तेजित
एनर्जी ड्रिंक बच्चों और युवाओं को खुलेआम बेचा जाता है, जबकि कंपनियां इन ड्रिंक्स के असर की तुलना कोकीन जैसे ड्रग्स के साथ भी करती हैं। इनमें कैफीन की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही गुआराना, ग्लुकुरोनोलैक्टोन, टारिन, जिनसेंग, इनोसिटोल, कार्निटाइन, बी-विटामिन जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर को उत्तेजित करते हैं। ऐसे में एनर्जी ड्रिक्स बच्चों के लिए बेहद नुकसानदायक हैं।
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