बॉक्सर से नशा विरोधी योद्धा बने परविंदर झोटा की कहानी, खुद इस दलदल से निकल ड्रग्स के खिलाफ शुरू की थी मुहिम
खुद नशे की गिरफ्त से बाहर आने वाले बॉक्सर परविंदर सिंह झोटा ने मानसा में नशा विरोधी मुहिम शुरू की थी, इस दौरान उन पर कई मामले दर्ज हुए थे।

परविंदर सिंह झोटा की फाइल फोटो।
HighLights
परविंदर झोटा, पूर्व बॉक्सर, नशा विरोधी मुहिम के प्रणेता।
केमिस्ट अश्विनी कुमार ने मानसा में गोली मारकर हत्या की।
झोटा ने 2023 में आरोपी केमिस्ट को ड्रग्स के लिए बेनकाब किया था।
अनुज शर्मा, मानसा। तकरीबन 39 साल का परविंदर सिंह झोटा एक पेशेवर बॉक्सर था, जिसने नशे की गिरफ्त से निकल इसके खिलाफ आवाज उठाई। तकरीबन 8 साल नशे से दूर रहने के बाद जब पंजाब के हालात बिगड़ते देखे तो अप्रैल 2023 में उसने मानसा में नशे बेचने वालों के खिलाफ मुहीम शुरू कर दी। उन्होंने इस मुहीम को शुरू करने से पहले किसान संगठनों का समर्थन व मार्ग दर्शन लिया। जिसके बाद मुहीम का नाम रखा गया- 'नशा रोको, रोजगार दो'।
जैसे-जैसे परविंदर सिंह झोटा का विरोध आगे बढ़ा, उन्होंने गांवों में मेडिकल स्टोरों और घरों पर छापे मारने शुरू किए और लोगों को नशा न बेचने और नशा न करने की सलाह दी। वे मानसा और बठिंडा में फेमस होने लगा।जिसका असर यह हुआ कि मानसा और बठिंडा के गांवों में नागरिक 'नशा रोको समितियां' बनने लगीं।
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परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ मामले हुए दर्ज
मुहीम के साथ परमिंदर सिंह झोटा के खिलाफ आपराधिक मामलों का सिलसिला भी शुरू हो गया। साल 2023 में ही जब परविंदर सिंह ने एक केमिस्ट शॉप पर रेड की तो एक बच्चा 400 रुपए की गोलियां लेकर निकला। परविंदर सिंह ने उसे रोका और केमिस्ट शॉप मालिक से पैसे वापस दिलाए। लेकिन परविंदर सिंह के खिलाफ 400 रुपए की वसूली का मामला दर्ज कर लिया गया।
मामले ने तूल पकड़ा तो शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ली और परविंदर सिंह केस से बाहर आ गए। परविंदर सिंह के खिलाफ ये एक मामला नहीं था। परविंदर सिंह के खिलाफ एक साल के अंदर ही ऐसी 2 से 3 घटनाएं सामने आई थीं।
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हत्या की कोशिश का भी मामला दर्ज
इस एक साल के अंदर अंदर मेडिकल स्टोर या नशा बेचने के संदिग्ध के घर पर की गई इसी तरह की छापेमारी से जुड़े दो और मामलों में परविंदर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई। एक अन्य मामले में उस पर एक नशेड़ी की हत्या की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया था। अधिकतर मामलों में पुलिस द्वारा परविंदर सिंह को यह कहते हुए आरोप मुक्त कर दिया कि इस मामले में उनका नाम गलत तरीके से दर्ज किया गया था।
आज केमिस्ट शॉप मालिक ने ही की हत्या
मानसा में आज एक केमिस्ट शॉप मालिक अश्विनी कुमार ने ही उसकी हत्या कर दी। परविंदर सिंह ने केमिस्ट शॉप मालिक के खिलाफ अवाज उठाई थी। उन्होंने लाइव होकर केमिस्ट शॉप ऑनर का सच सामने रखा। जिसके बाद केमिस्ट शॉप मालिक ने पिस्टल निकाली और परविंदर पर तीन गोलियां दाग दी। अस्पताल में परविंदर सिंह को मृत घोषित कर दिया गया।
कातिल के गले में डाला था जूतों का हार
2023 में जब परविंदर सिंह केमिस्ट शॉप मालिकों के खिलाफ मुहीम शुरू की थी, तभी ये आरोपी अश्विनी कुमार से परविंदर का आमना-सामना हुआ था। पुलिस काे उसकी शॉप से 39 गोलियां मिली। जिसके बाद परविंदर सिंह ने अश्विनी कुमार के गले में जूतों का हार डाला और गलियों में घुमाया था। 2023 की इस घटना के बाद भी अश्विनी और परविंदर के बीच कई बार बहस हो चुकी थी।
