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मानसा में दलजीत की मौत मामले में हरसिमरत बादल ने SSP की लोकसभा में की शिकायत, विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

Published: Tue, 03 Nov 2026 04:52 PM (IST)

सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मानसा एसएसपी के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। ...और पढ़ें

घटना के दिन शव को ले जाते हुए पुलिस और सांसद हरसिमरत कौर बादल।

घटना के दिन शव को ले जाते हुए पुलिस और सांसद हरसिमरत कौर बादल।

HighLights

  1. हरसिमरत बादल ने मानसा एसएसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की।

  2. ड्रग ओवरडोज से युवक की मौत, पुलिस कार्रवाई पर सवाल।

  3. शव हटाने और पिता के ठिकाने पर एसएसपी का जवाब।

डिजिटल डेस्क, मानसा। शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मानसा में कथित ड्रग ओवरडोज से हुई एक युवक की मौत पर उनकी चिंताओं को खारिज करने को लेकर पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन की शिकायत सौंपी है। उन्होंने सांसदों के कार्यों के प्रभावी निर्वहन की रक्षा के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, बठिंडा सांसद बादल ने अपनी शिकायत में लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 222/223 के तहत मानसा के SSP वैभव चौधरी के खिलाफ नोटिस दिया था और पता चला है कि इसे आगे की कार्रवाई के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया है। सूत्रों ने कहा कि विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच करेगी।

अपनी शिकायत में, बठिंडा सांसद ने आरोप लगाया कि जब युवक की मौत से संबंधित मामला एसएसपी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया और पुलिस ने मृतक के परिवार से जबरन शव छीन लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस को मृतक के पिता के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, भले ही परिवार का दावा था कि उनके पास पुलिस के साथ उनकी तस्वीरें थीं।

अपनी शिकायत में हससिमरत बादल ने कहा-

मैं नियम 223 के तहत नोटिस देती हूँ और 29 अक्टूबर 2026 को मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री वैभव चौधरी से हुई बातचीत के दौरान उनके आचरण से जुड़े विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का प्रश्न उठाने के लिए लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के तहत आपकी सहमति चाहती हूं।

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संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

उन्होंने कहा कि मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के एक छोटे किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई और उनके परिवार ने उनकी मौत का कारण नशीली दवाओं का सेवन बताया तथा नशा सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

उनकी मौत नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच हुई, जिनकी 13 अक्टूबर 2026 को अवैध नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके परिवार और समर्थकों ने तब से न्याय और नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दे रखा था।

पीड़ित परिवार से मिली थी हरसिमरत

हरसिमरत बादल ने कहा अपनी शिकायत को उस आंदोलन से जोड़ने और जिसे वे नशे से जुड़ी एक और मौत मानते थे उसे उजागर करने के लिए दलजीत सिंह के परिवार और ग्रामीणों ने उनका शव मौजूदा धरना स्थल पर ले जाने का प्रयास किया। पुलिस ने हस्तक्षेप किया और जबरन शव को अपने कब्जे में ले लिया। 

उन्होंने आगे कहा कि मृतक के पिता जरनैल सिंह, जो मधुमेह से पीड़ित हैं, को वर्दीधारी पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए थे और परिवार को उनके ठिकाने के बारे में कुछ पता नहीं था।

बादल ने बताया कि 29 अक्टूबर को अपने गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान, उन्होंने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की मौजूदगी में स्पीकरफोन पर एसएसपी को फोन किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस के हस्तक्षेप, शव को सौंपने की व्यवस्था और मृतक के पिता के ठिकाने व कुशलक्षेम के बारे में स्पष्टीकरण मांगा, और उनकी बातचीत को रिकॉर्ड किया गया।

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एम्स में रखा गया है शव

हरसिमरत बादल ने बताया कि  बातचीत के दौरान, एसएसपी ने उन्हें बार-बार टोका। उनके द्वारा दिए गए विवरण को गलत नरेटिव बताया। उनकी चिंताओं को अनावश्यक करार दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शव को कब्जे में लिया था, लेकिन कहा कि परिवार को इसे खुद ले जाना चाहिए और उस प्रक्रिया में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है और शव एम्स बठिंडा में रखा है।

जरनैल सिंह के संबंध में एसएसपी ने उन्हें कहा कि उनकी जानकारी नहीं है और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। जब उन्होंने वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तस्वीरें दिखाईं तो अधिकारी ने उन्हें सत्यापन के लिए उन्हें साझा करने को कहा। लेकिन, कथित पुलिस संलिप्तता या उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का कोई ठोस ब्योरा नहीं दिया।

गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर जताई आपत्ति

हरसिमरत बादल ने कहा कि उनकी आपत्ति अधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना जवाब और बिना किसी तय प्रक्रिया का पालन किए तथा परिवार की अनुमति के बिना जबरन शव हटाने के अधिकार व आधार को स्पष्ट करने में उनकी विफलता पर है। साथ ही इस बात पर भी आपत्ति जताई कि क्या शव को सौंपने पर कोई प्रतिबंध लागू था।

पिता को ले जाने की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की जा रही थी। यह नोटिस 29 अक्टूबर को उनकी बातचीत के दौरान बनी अनिश्चितता और उस समय अधिकारी की प्रतिक्रिया से संबंधित है।

समिति से तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग

हरसिमरत बादल ने लोकसभा अध्यक्ष से अपील की है कि वह पंजाब सरकार से मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, जैसे एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शव को जबरन ले जाने के आदेशों की पूरी रिपोर्ट मांगे। इसके साथ ही उन्होंने लापता बुजुर्ग जरनैल सिंह की हिरासत और ठिकाने से जुड़ा रिकॉर्ड भी तलब करने का आग्रह किया है।

लोकसभा अध्यक्ष को भेजी अपनी शिकायत में सांसद ने स्पष्ट किया कि वे पुलिस जांच की कानूनी स्वतंत्रता का पूरी तरह से सम्मान करती हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और उनके कर्तव्यों के सही ढंग से निर्वहन की सुरक्षा के लिए अध्यक्ष के तुरंत हस्तक्षेप की मांग करती हैं।

(इनपुट-पीटीआई)

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