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    लुधियाना: केस में फंसाने की धमकी देकर कारोबारी के नाबालिग बेटे से ऐंठे 93 हजार, दो पर केस दर्ज

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 10:52 PM (IST)

    लुधियाना में दो युवकों ने एक नाबालिग को प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर दिलाने का झांसा देकर फंसाया। पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उससे 93 हजार रुपये ऐंठे। जब ...और पढ़ें

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    कारोबारी के नाबालिग बेटे से ऐंठे 93 हजार। सांकेतिक फोटो

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर दिलाने का झांसा देकर दो युवकों ने एक कारोबारी के नाबालिग बेटे पहले अपने जाल में फंसाया और फिर पुलिस का डर दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बच्चा पुलिस कार्रवाई होने से इतना डर गया कि उसने पाकेट मनी और परिवार से बहाना बनाकर पैसे लेकर दोनों आरोपितों को कुल 93 हजार रुपये दे दिए।

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    इसके बाद आरोपितों ने जब उससे फिर 30 हजार रुपये मांगने शुरू किए तो बच्चा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। परिवार ने जब बच्चे से इस बारे में पूछा तो उसने आपबीती परिवार को बता दी। बेटे को इस तरह ब्लैकमेल किए जाने का पता लगते ही परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस को की।

    पीएयू थाना पुलिस ने इस मामले में दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपितों की पहचान हैबोवाल निवासी कुलविंदर सिंह और गौरव के रूप में हुई है। पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई है। शहीद उधम सिंह निवासी शिकायतकर्ता रोहित गोयल ने पुलिस को बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा बीवीएम स्कूल में पढ़ता है। कुछ समय पहले कुलविंदर सिंह ने उनके बेटे से दोस्ती की।

    बंटी ने भरोसा दिलाया कि वह पतंग उड़ाने के लिए प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर उपलब्ध करवा सकता है। बेटे ने हामी भर दी तो दो दो दिसंबर को कुलविंदर ने उनके बेटे को फोन किया कि उसने अपने साथी गौरव को डोर खरीदने भेजा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया है।

    उसने धमकाया कि उसके दोस्त ने अगर पुलिस को बता दिया कि यह डोर किसे देनी थी तो पुलिस उसे भी गिरफ्तार करने पहुंच जाएगा। उसने कहा कि अगर वह कुछ पैसे दे दे तो वह अपने दोस्त को उसका नाम नहीं लेने के लिए मना सकता है।

    इसके बाद कुलविंदर ने तीन बार में उससे कुल 93 हजार रुपये नकद वसूल किए। इसके बाद वह जब उससे 30 हजार रुपये और मांग रहे थे। लगातार धमकियों और पैसों की मांग के कारण उनका बेटा मानसिक तनाव में रहने लगा। बहुत बार पूछने पर उसने सारी आप बीती बताई। कुलविंदर पहले भी बच्चों को शिकार बना चुकापुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित कुलविंदर अकसर किचलू नगर मार्केट में सिगरेट की दुकान के पास खड़ा रहता था।

    स्कूल की छुट्टी के समय वह छात्रों से संपर्क करता और प्लास्टिक डोर बेचने का झांसा देता। कई बच्चों को डोर देने के बाद वह यह कहकर डराता कि पुलिस ने डोर पकड़ ली है और अगर पैसे नहीं दिए तो उनका नाम पुलिस को बता देगा। इसी तरह कई नाबालिगों को वह पहले भी ठगी का शिकार बना चुका है।