Sawan 2022: लुधियाना के श्री मुक्तेश्वर महादेव शिव मंदिर की दूर-दूर तक प्रसिद्धि, यहां क्षमा मांगने पर पापों से मिलती है मुक्ति
Sawan 2022 माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि आने वाले समय में इस स्थान का क्या महत्व होगा। तब भगवान शिव ने कहा कि यहां आकर जो भी मुझसे अपने पापों की क्षमा मांगेगा मैं उसके जन्म-जन्मांतर के पापों को नष्ट कर दूंगा।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। Sawan 2022: समराला के गांव चहिलां स्थित श्री मुक्तेश्वर महादेव शिव मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं। यहां भगवान शिव के नेत्र रूप में दर्शन होते हैं। यहां पर पुरात्तव विभाग के द्वारा अद्धभुत 17 मूर्तियां रजिस्टर्ड की हुई हैं। जो पूरे भारतवर्ष में सिर्फ इसी मंदिर में हैं।
मंदिर इतिहास
गांव चहिलां का इतिहास यह है कि भगवान शंकर एवं माता पार्वती के विवाह के उपरांत दोनों इसी स्थान पर विहार करने हेतु बहुत वर्ष तक रहे। यहीं पर उन्होंने प्रथम युगल नृत्य किया। तब माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि आने वाले समय में इस स्थान का क्या महत्व होगा। तब भगवान शिव ने कहा कि यहां आकर जो भी मुझसे अपने पापों की क्षमा मांगेगा, मैं उसके जन्म-जन्मांतर के पापों को नष्ट कर दूंगा और उसे मुक्ति प्रदान करुंगा।
मुक्तिधाम के नाम से जाना जाएगा यह स्थान
यह स्थान आने वाले समय में मुक्तिधाम के नाम से जाना जाएगा। यहां पर मैं स्वयं तीन मंदिरों में रहकर लोगों का कल्याण करूंगा। यहां मेरे शीश एवं जटाओं के रूप में एक शिवलिंग होगा। दूसरा मंदिर नेत्रों के रूप में होगा और तीसरा मेरे मुख के रूप में होगा।
मंदिर की विशेषता
प्रधान चंद्र मोहन शर्मा जी ने बताया कि मंदिर में सभी त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं। मंदिर में शिवरात्रि, सावन महाशिवरात्रि, आजादी दिवस, दशहरा, महाशिवरात्रि, गणपति महामहोत्सव, मां सरस्वती पूजा समेत अन्य सभी त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं। शिव महापुराण के पाठ भी निरंतर चलते रहते हैं और यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारा हर समय निरंतर चलता रहता है।
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