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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Power Crisis: पंजाब में अगले 3 दिन तक बिजली संकट रहेगा बरकरार, 2 से 6 घंटे तक लग रहे कट

By Vipin KumarEdited By:
Published: Tue, 12 Oct 2021 08:31 AM (IST)Updated: Tue, 12 Oct 2021 12:05 PM (IST)

Punjab Power Crisis पंजाब में जारी बिजली संकट के कारण अलग-अलग जिलों में 507 फीडर दो घंटे 87 फीडर चार ...और पढ़ें

रूपनगर थर्मल प्लांट में कोयले की कमी कारण खाली पड़ा कोल स्टोरेज स्थल। (जागरण)
रूपनगर थर्मल प्लांट में कोयले की कमी कारण खाली पड़ा कोल स्टोरेज स्थल। (जागरण)

जागरण संवाददाता, पटियाला। Punjab Power Crisis: राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी बरकरार है। सभी थर्मल प्लांट अब भी 50 फीसद क्षमता पर ही काम कर रहे हैं। सोमवार को भी सरकारी और निजी क्षेत्र के थर्मल प्लाटों के कुल 15 यूनिटों में से केवल 10 यूनिटों में ही बिजली का उत्पादन किया जा सका। हालांकि बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम ने अन्य राज्यों से 14.46 रुपये प्रति यूनिट की दर से महंगी बिजली की खरीद भी की लेकिन इसके बावजूद राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों को दो से छह घंटे तक बिजली कटों का सामना करना पड़ा।

बिजली की कमी के कारण हालात यह रहे कि अलग-अलग जिलों में 507 फीडर दो घंटे, 87 फीडर चार घंटे और दो फीडर छह घंटे बंद रहे। पावरकाम को घरेलू, इंडस्ट्री, कृषि और कामर्शियल क्षेत्र में अघोषित कट लगाने पड़े। सोमवार शाम पांच बजे तक पावरकाम को पूरे राज्य से बिजली कटों के संबंध में करीब 25 हजार शिकायतें मिलीं। इनमें से करीब 10 फीसद यानी 2560 शिकायतें केवल लुधियाना पश्चिम क्षेत्र के लोगों ने कीं। पावरकाम के सूत्रों के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक लोगों को बिजली कटों का सामना करना पड़ सकता है। 

निजी थर्मल प्लांटों में पहुंचा 12 रैक कोयला लेकिन राहत नहीं

 पावरकाम के सूत्रों के अनुसार सोमवार को दो निजी थर्मल प्लाटों राजपुरा और तलवंडी साबो में 12 रैक कोयला पहुंचा। इस स्टाक से दो दिन बिजली उत्पादन ही संभव है। वहीं सरकारी प्लांटों में करीब तीन दिन का कोयला स्टाक ही उपलब्ध है। राज्य के थर्मल प्लांटाें को अगर पूरी क्षमता पर चलाना हो तो रोज कम से कम 15 रैक कोयला चाहिए। परंतु इन दिनों राज्य को रोज औसतन 11 रैक कोयला ही सप्लाई हो रहा है। अगर राज्य में तीन सप्ताह लायक कोयला स्टाक करना हो तो रोज 25 से 30 रैक कोयले की जरूरत है।

रोपड़ थर्मल का एक और यूनिट आज से शुरू करेगा काम

सोमवार को पंजाब में बिजली की मांग 8885 मेगावाट रही, जबकि उपलब्धता 8088 मेगावाट रही। यानी मांग के मुकाबले आपूर्ति में 9 फीसद गिरावट दर्ज की गई। पावरकाम के सीएमडी ए वेणु प्रसाद ने बताया अगले कुछ दिन में स्थिति सहज हो जाएगी। कोयले के 47 रैक अभी रास्ते में हैं और दो दिन में पंजाब पहुंच जाएंगे। रोपड़ थर्मल प्लांट का एक अन्य यूनिट मंगलवार से काम शुरू कर देगा। वहीं आनंदपुर साहिब हाइडल प्रोजेक्ट से 50 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। यह उत्पादन 100 मेगावाट तक जाएगा।

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