Punjab Farmers Protest: आज चंडीगढ़ कूच करेंगे हजारों किसान, MSP सहित इन मांगों को पूरा कराने के लिए लगाएंगे जोर
सैकड़ों किसानों का एक जत्था शनिवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों और गाड़ियों में फिरोजपुर से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ। यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव अवतार सिंह महिमा ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं से आंदोलन समाप्त करते समय केंद्र सरकार द्वारा किसानों से कई वादे किए गए थे जिसे सरकार ने पूरा नहीं किया। इसलिए कर्ज माफी एमएसपी आदि मांगों को लेकर किसान तीन दिन तक राजधानी का घेराव करेंगे।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। किसानों के लंबित मांगों को केंद्र व पंजाब सरकार की ओर से लागू न करने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन पंजाब पक्खोवाल आज यानि 26 नवंबर से तीन दिन के लिए चंडीगढ़ का घेराव करेगी।
इस विरोध प्रदर्शन में देश के 32 किसान संगठन हिस्सा लेंगे। भारतीय किसान यूनियन पंजाब पक्खोवाल के प्रदेश प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल और सरपरस्त अवतार सिंह मेहलों ने आज इस विरोध मार्च को लेकर कुछ दिन पहले कहा था कि, पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर के साथ इसमें शामिल होंगे। अगर इसके बावजूद किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो फिर दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा और अनिश्चितकाल के लिए हजारों किसान मोर्चा खोलकर बैठ जाएंगे।
किन मुद्दों पर चर्चा चल रही है?
किसान नेताओं का कहना है कि, केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के दौरान MPS पर गारंटी बिल लागू करने पर सहमति जताई थी लेकिन सरकार की ओर से दो साल बीत जाने के बाद भी लागू नहीं किया गया। किसानों में बहुत गुस्सा है।
किसानों की मांग है कि, पंजाब सरकार को जल्द से जल्द गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की घोषणा करनी चाहिए और धान की खरीद में भी तेजी लानी चाहिए। इसके अलावा पंजाब के युवाओं और किसानों को सिंथेटिक नशे से बचाने के लिए सरकार को खसखस (अफीम) की खेती की अनुमति देनी चाहिए।
ट्रैक्टरों पर रवाना हुए किसान
संवाद सहयोगी, फिरोजपुर: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के सैकड़ों किसानों का एक जत्था शनिवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों और गाड़ियों में फिरोजपुर से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ।
यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव अवतार सिंह महिमा ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं से आंदोलन समाप्त करते समय केंद्र सरकार द्वारा किसानों से कई वादे किए गए थे,, जिसे सरकार ने पूरा नहीं किया। इसलिए कर्ज माफी, एमएसपी गारंटी कानून, फसल बीमा योजना, किसानों को पेंशन दिलाने समेत बिजली संशोधन बिल 2022 रद करने आदि मांगों को लेकर किसान तीन दिन तक राज्य की राजधानी का घेराव करेंगे।
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दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसान जिम्मेदार नहीं
किसान नेताओं ने का ये भी कहना है कि, दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसान जिम्मेदार नहीं है। केंद्र, दिल्ली और हरियाणा सरकार दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराना बंद करें। जानबूझकर पंजाब के किसानों को बदनाम किया जा रहा है।
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