यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab Election 2022: लुधियाना कांग्रेस में बगावत, कैबिनेट मंत्री आशु के खिलाफ निर्दलीय ताल ठाेकेंगे बावा
Punjab Election 2022 लुधियाना दक्षिण से टिकट न मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके बावा ने अपनी ही ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। Punjab Election 2022: कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद पार्टी में असंतुष्टों की बगावत सामने आने लगी है। लुधियाना दक्षिण से टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके बावा ने अपनी ही पार्टी के मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ चुनाव लड़ने का बिगुल फूंक दिया है। बावा ने कहा कि वह लुधियाना पश्चिम से आजाद उम्मीदवार के रूप में नामांकन करेंगे। दैनिक जागरण ने एक दिन पहले ही संभावना जता दी थी कि असंतुष्ट बावा मंत्री के खिलाफ चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
बावा ने कहा कि पार्टी में पैसे और पहुंच के बल पर टिकट का वितरण किया गया, जबकि वह 40 सालों से कांग्रेस की सेवा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला कांग्रेस के दस साल तक प्रधान रहे गुरप्रीत गोगी भी लुधियाना दक्षिण से टिकट न मिलने की संभावना को देखते हुए पार्टी से खुद को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था और वह भी लुधियाना पश्चिम से अपने ही मंत्री के खिलाफ आप की टिकट से ताल ठोंक चुके हैं।
पंजाब इंडस्ट्री बोर्ड के चेयरमैन बावा ने कहा कि वह कई सालों से टिकट मांग रहे हैं और हर बार उन्हें अगली बार का आश्वासन देते रहे हैं, जबकि उन्होंने आतंकवाद के दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और डट कर मुकाबला किया। लुधियाना दक्षिण से टिकट की मांग करने के बाद लुधियाना पश्चिम से मंत्री आशु के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में उतरने के फैसले के संबंध में हालांकि बावा ने स्पष्ट नहीं किया, लेकिन कहा कि वह इसी क्षेत्र के रहने वाले हैं, इसलिए यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनकी लड़ाई अब शुद्ध और अशुद्ध कांग्रेसियों के बीच होगी।
कांग्रेस में बगावत थमने का नाम नहीं ले रही। इससे पहले साहनेवाल से सतविंदर कौर बिट्टी, जगराओं से मलकीत सिंह दाखा, गेजा राम, एडवोकेट गुरकीरत कौर सहित छह नेता बागी हो चुके हैं। समराला से चार बार के विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों ने भी आजाद उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जबकि किलारायपुर से पूर्व विधायक जसबीर सिंह जस्सी खंगूड़ा पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही।
