लुधियाना, [राजेश भट्ट]। यह आपने भी सुना होगा कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं.. , लगभग हर क्षेत्र में बेटियों ने न केवल अपने नाम की धाक जमाई है बल्कि अपने माता-पिता, प्रदेश और देश का नाम भी रोशन किया है। परंतु बहुत कम  लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी दुकान के बाहर 'एंड संस' की जगह 'एंड डाटर्स' शब्दों का इस्तेेमाल कर बेटियों को नया सम्मान देने की पहल की है। आमतौर पर दुकान या फर्म के नाम के आखिर में 'एंड संस' लिखने का प्रचलन रहा है, यह परंपरा भी सालों से चली आ रही है।

लुधियाना के कारोबारी ने मेडिकल स्टोर के बाहर 'एंड संस' की जगह लिखवाया 'एंड डॉटर्स'

प्राचीन समय से ही यह मानकर समाज आगे बढ़ता रहा कि पिता के कारोबार पर घर के बेटों का ही हक होता है और वही कारोबार को आगे बढ़ाते हैं। बेटियों को कभी भी दुकान के नाम और फर्म के नाम में स्थान नहीं दिया गया। परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दिए जाने के बाद लुधियाना के कंस्ट्रक्शन कारोबारी मनोज कुमार गुप्ता ने इस नारे को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। उन्होंने जब कंस्ट्रक्शन कारोबार गुप्ता एंड संस से जब दवा कारोबार में इंट्री की तो समाज की 'एंड संस' की धारणा को बदलते हुए अपने मेडिकल स्टोर का नाम गुप्ता एंड डॉटर्स रखा। 

खुद कर रहे कंस्ट्रक्शन का कारोबार, बेटा मेडिकल स्टोर और बेटी कर रही न्यायिक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

कारोबारी मनोज कुमार गुप्ता के पुत्र और मेडिकल स्टोर के मालिक रोशन करण गुप्ता ने कहा कि उनके पिता का पहला कारोबार कंस्ट्रक्शन का है। यह कारोबार वह गुप्ता एंड संस के नाम से करते हैं। परंतु जब उन्होंने मेडिकल स्टोर खोला तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम से प्रेरित होकर इस फर्म का नाम गुप्ता एंड डॉटर्स रख दिया। उन्होंने बताया कि ऐसा करके उन्होंने समाज को एक संदेश देने की कोशिश की है कि बेटियां भी समाज में बराबर की हिस्सेदार हैं। रोशन के अनुसार उनकी बहन आकांक्षा गुप्ता न्यायिक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

सिख वेलफेयर कौंसिल का मिला साथ

रोशन करण गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मेडिकल स्टोर 2017 में खोला था और अब वह सिख वेलफेयर कौंसिल के साथ मिलकर इसका संचालन कर रहे हैं। स्टोर का नाम गुरु नानक मोदी खाना रखा गया है। सिख वेलफेयर कौंसिल द्वारा गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर चलते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तत्पर है। इस संस्था से 75 सेवादार इस संस्था से जुड़े हैं। संस्था द्वारा हेल्पलाइन नंबर 9859130013 जारी किया है। लोग इस नंबर पर अपनी दवाई की पर्ची वाट्सएप कर देते हैं और संस्था के सदस्य लोगों को दवाओं की होम डिलीवरी कर देते हैं।

खरीद रेट से भी एक फीसद कम कीमत पर दवा की बिक्री

सिख वेलफेयर कौंसिल के सेवादार बलजिंदर सिंह जिंदू ने बताया कि संस्था द्वारा लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध करवाने का फैसला किया गया है। लोगों को खरीद मूल्य से भी कम रेट पर दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। यानी पिंडी गली व फार्मा कंपनियों से जिस रेट पर दवाइयां खरीद रहे हैं लोगों को खरीद मूल्य से एक फीसद कम दर पर दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मेडिकल स्टोर पर वहां काम करने वाले कर्मियों के अलावा संस्था के सेवादार भी अब सेवाएं दे रहे हैं।

दानी सचज्‍जनों से मिले चंदे से घाटे की भरपाई

बलजिंदर सिंह जिंदू ने कहा कि लोकसेवा का यह पूरा काम दानी सज्‍जनों के सहयोग से किया जा रहा है। संस्था को मिलने वाले चंदे से न केवल घाटा पूरा किया जाता है बल्कि स्टोर के मालिक को उनका प्रॉफिट भी संस्था द्वारा दिया जाएगा। अभी एक सप्ताह पहले ही उन्होंने गुप्ता एंड डाटर्स के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है और इन सात दिनों के दौरान करीब ढाई लाख रुपये की दवाएं लोगों को लागत मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध करवाई गई हैं।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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