यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हवालात में ऐसा है लुधियाना के EX MLA सिमरजीत बैंस का हाल, मुश्किल से कटी पहली रात, सरेंडर के बाद भी आपराधिक केस दर्ज
Misdeed Case दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण करने के बाद भी लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक बैंस की ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। Misdeed Case: दुष्कर्म के मामले में आत्मसमर्पण करने के बाद भी लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उसके भगौड़ा करार दिए जाने के बाद गिरफ्तारी नहीं देने पर दर्ज किया गया है। तीन दिन के पुलिस रिमांड के बाद पुलिस इस तरह के मामलों में भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले सकती है। विधायक सिमरजीत सिंह बैंस तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है।
पहली रात काे बैंस काे मिला घर का खाना
पुलिस रिमांड के दौरान उसकी पहली रात थाना डिवीजन नंबर छह की हवालात में कटी। पूर्व विधायक को घर का खाना तो दे दिया गया मगर बिस्तर नहीं दिया गया है। जिस कारण पूर्व विधायक की पहली रात बेहद मुश्किल भरी कटी है। पूरी रात वह ढंग सो नहीं पाया है। सुबह थाने पहुंचे कई आला अफसरों ने उससे पूछताछ की है।
सोमवार को किया था सरेंडर
बता दें कि एक साल पुराने दुष्कर्म के मामले में सिमरजीत सिंह बैंस ने अपने चार अन्य समर्थकों के साथ सोमवार को एडीशनल चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन कौर की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया था। अदालत ने डिवीजन नंबर छह पुलिस की मांग पर उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। उससे थाना डिवीजन नंबर 6 में पूछताछ की जा रही है। सोमवार को ही थाना सराभा नगर में पूर्व विधायक के खिलाफ 174 ए आइपीसी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट सुमित मक्कड़ की तरफ से 8 जुलाई को पत्र लिखकर आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
12 जून 2018 को किया था केस दर्ज
अदालत की तरफ से 12 जून 2018 को आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। विधायक बैंस इस दिन वेकरा मिल्क प्लांट में घुसकर वहां की जांच करने के लिए पहुंच गए थे। पुलिस ने यह आपराधिक मामला वेरका के जीएम की शिकायत पर दर्ज किया गया था। अदालत में केस चलने के दौरान विधायक रहते हुए बैंस अदालत में पेश नहीं हुए थे और इस कारण अदालत ने उन्हें इस मामले में भगौड़ा करार दे दिया था।
