यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Power Crisis In Punjab: लुधियाना के उद्यमियाें की चेतावनी- कैप्टन साहब ले लो फैक्ट्री की चाबियां; बंद करने की आ रही नौबत
Power Crisis In Punjab पंजाब में बिजली संकट काे लेकर उद्यमी निराश है। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एवं कमर्शियल आर्गनाइजेशन (फीको) ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। Power Crisis In Punjab: पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने सामान्य उद्योग (बड़ी आपूर्ति), रोलिंग मिल उपभोक्ताओं, एआरसी / इंडक्शन फर्नेस के लिए साप्ताहिक दो अवकाश में एक और दिन का इजाफा किया है। पूरे सेंट्रल जोन में दो साप्ताहिक अवकाशों में एक दिन का इजाफा उद्योग के लिए बेहद घातक है। ऐसे में उद्योगपति अपनी फैक्ट्रियों को ताला लगाकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चाबियां सौंपने के लिए तैयार हैं, क्योंकि सरकार उद्योग को 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रही है। पंजाब पहले ही पिछड़ कर 19वें स्थान पर है, इसलिए ऐसा लगता है कि पंजाब सभी राज्यों में सबसे पीछे ही ना रह जाए।
बिजली नियामक उपायों का किया कड़ा विरोध
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एवं कमर्शियल आर्गनाइजेशन (फीको) ने औद्योगिक बड़े उपभोक्ताओं पर लगाए गए बिजली नियामक उपायों में एक दिन के इजाफे का कड़ा विरोध किया और तत्काल रोलबैक की मांग की। फीको प्रधान गुरमीत सिंह कुलार और महासचिव राजीव जैन ने बिजली नियामक उपायों का कड़ा विरोध किया और कहा कि उद्योग अभी तक कोविड लॉकडाउन के कारण हुए नुकसान से उबर नहीं पाया है।
उद्योगों की मांग को पूरा करने के लिए और बिजली खरीदे सरकार
पंजाब सरकार को चाहिए कि वह उद्योगों की मांग को पूरा करने के लिए और बिजली की खरीद करे और ना के संचालन को प्रतिबंधित कर दे। यह उद्योग के लिए किसी दुर्घटना से कम नहीं बल्कि अधिक घातक है क्योंकि पिछली सरकार ने 100% मांग को पूरा करने में सफल रही थी और धान के मौसम में भी राज्य को बिजली अधिशेष बना दिया। फीको ने सीएम से उद्योग के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
