जागरण संवाददाता, लुधियाना। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कर्मचारियों की खिलाफत पहले दिन से झेल रहे हैं। मिनिस्टीरियल स्टाफ लंबे समय से हड़ताल पर चल रहा है और सरकारी दफ्तरों में दफ्तरी कामकाज पूरी तरह से ठप है। वहीं दूसरी तरफ अब दर्जा चार मुलाजिमों ने भी चन्नी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया। दर्जा चार कर्मचारी नवंबर माह में जिला स्तर से लेकर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के घर तक का घेराव करेंगे। शनिवार को दर्जा चार कर्मचारियों की यूनियन दि क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन ने नवंबर माह में होने वाले कार्यक्रमों का एलान कर दिया।

यूनियन के प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह लुबाणा ने कहा कि 10 व 11 नंवबर को कर्मचारी दिन रात दो दिन की भूख हड़ताल अपने अपने जिला मुख्यालयों पर करेंगे। वहीं 17 नवंबर को कर्मचारी वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के घर का घेराव करेंगे। जबकि 25 नवंबर को मुख्यमंत्री के घर का घेराव करेंगे। प्रधान ने कहा कि सरकार दर्जा चार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। कर्मचारी एक जनवरी 2016 से 125 फीसद डीए लागू करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री कहते रहे कि खजाना खाली है। लेकिन अब तो मुख्यमंत्री खुद ही कह रहे हैं पंजाब सरकार के खजाने भरे हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने इंप्लाइज वैलफेयर एक्ट खत्म कर दिया।

लुबाणा ने कहा कि कई सालों से दर्जा चार कर्मचारी कच्चे तौर पर काम कर रहे हैं उन्हें पक्का करने के लिए सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए। दर्जा चार कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सरकार की इन नीतियों के खिलाफ दर्जा चार कर्मचारियों ने संघर्ष का एलान किया है।

यह भी पढ़ें-अब राजा वडिंग ने भी साधा अरूसा आलम के बहाने कैप्टन पर निशाना, पूछा- क्या यह सुरक्षा के लिए खतरा नहीं

Edited By: Vipin Kumar