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    Fraud In Ludhiana: इंटरनेट मीडिया पर सस्ते VIP Number के नाम पर हो रही ठगी, जानें पूरा मामला

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    Updated: Wed, 17 Mar 2021 08:17 AM (IST)

    Fraud In Ludhiana शहर में नाैसरबाज ठगी करने के नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। एक आजकल वीआइपी मोबाइल नंबर सस्ते दाम पर दिलाने के नाम पर ठगी हो रहे हैं। हालांकि इन मामलों में पुलिस भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।

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    करोड़ों लोग इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    लुधियाना, [अश्वनी पाहवा]। Fraud In Ludhiana: देशभर में आज करोड़ों लोग इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोजाना सैकड़ों लोग यहीं पर किसी न किसी तरह की ठगी का शिकार हो रहे हैं। नौसरबाज भी नए-नए तरीकों से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। आजकल वीआइपी मोबाइल नंबर सस्ते दाम पर दिलाने के नाम पर ठगी हो रहे हैं। हालांकि इन मामलों में पुलिस भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।

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    केस-1  न्यू शिवाजी नगर के रहने वाले कृष्णा आहूजा ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर एक वीआइपी नंबर वाले पेज को फालो किया हुआ है। इस पेज पर रोजाना नए नंबर अपलोड होते हैं। यहां उसे एक नंबर पसंद आया, जिसके बाद उसने पेज के एडमिन से उस नंबर का रेट पूछा तो उसने उसे 7500 रुपये बताया। इसके बाद एडमिन ने उसे पर्सनल चैट पर लेकर बातचीत की और आनलाइन पेमेंट के तहत आधी रकम मंगवा ली। हालांकि पेमेंट होने के बाद कृष्णा ने उस नंबर की मांग की तो एडमिन ने उसे ब्लाक कर अपना नंबर भी बंद कर दिया।

    केस-2 समराला चौक स्थित गुरु अर्जन देव नगर निवासी सतीश कुमार उर्फ सोनू ने बताया कि उनके बेटे को इंटरनेट मीडिया पर एक युवक से वीआइपी नंबरों की लिस्ट भेजी। इसमें से उसे एक नंबर पसंद आया। इपर उक्त युवक ने उनसे 10000 की मांग की। उन्होंने आठ हजार मे रेट तय कर उसे चार हजार पेटीएम से भुगतान भी कर दिए। इसके बाद उक्त युवक ने अपना नंबर बंद कर दिया। अब सतीश ने थाना सात में मामले की शिकायत दी है।

    केस-3 बाबा थान सिंह चौक स्थित आंबेडकर नगर के रहने वाले मोहित परूथी ने बताया कि उसने फेसबुक पर एक वीआइपी नंबर का पेज लाइक किया हुआ था जहां पर उसे 0000 एंडिंग वाला नंबर पसंद आया। इसके एडमिन ने उससे नौ हजार रुपये मांगे। इसके बाद उसने उसके 2000 रुपये एडवांस के रूप में उसे पेटीएम किए। इसके बाद उक्त एडमिन ने उसे ब्लाक कर दिया। जल्द ही वह मामले की शिकायत साइबर सेल को करेंगे।

    ये सावधानियां बरतें..

    इंटरनेट मीडिया का प्रयोग करने के दौरान कोई रुपये मागे तो आसानी से विश्वास न करें। फेसबुक अकाउंट जरूर वेरीफाई करें। - आनलाइन सामान खरीदने से जुड़े लिंक और गूगल से मिले नंबर पर भरोसा न करें। - किसी के कहने पर मोबाइल पर एनी डेस्क, टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट को डाउनलोन ना करें। - किसी भी आफर की सत्यता की जांच आफिशियर वेबसाइट पर ही करें।

    हमें जो भी शिकायत मिलती है, तुरंत ट्रेसिंग शुरू कर दी जाती है। फिलहाल उनके पास ऐसे किसी भी मामले की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर तुरंत जांच की जाएगी। - पवन कुमार, एसएचओ, साइबर सेल

     

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