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    30 साल से गायब लुधियाना जिला अदालत की 181 फाइलें, 24 साल बाद दर्ज हुई दूसरी FIR; पूर्व सब इंस्पेक्टर नामजद

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 09:53 AM (IST)

    लुधियाना जिला अदालत से तीस साल पहले गायब हुई 181 फाइलों का आज तक पता नहीं चल पाया कि वह आखिर कहां गई। पुलिस ने 24 साल बाद इसी मामले में दूसरी एफआइआर दर्ज की है। अब इस मामले में एक पूर्व सब इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह को नामजद किया गया है। अहलमद पर कोर्ट की फाइलों को गायब करने का आरोप है।

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    30 साल से गायब लुधियाना जिला अदालत की 181 फाइलें

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। Ludhiana News: लुधियाना जिला अदालत से तीस साल पहले गायब हुई 181 फाइलों का आज तक पता नहीं चल पाया कि वह आखिर कहां गई।

    पुलिस ने 24 साल बाद इसी मामले में दूसरी एफआइआर दर्ज की है। अब इस मामले में एक पूर्व सब इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह को नामजद किया गया है। इस पूर्व सब इंस्पेक्टर ने ही 24 साल पहले अदालत के अहलमद को गिरफ्तार कर उससे फाइलें बरामद की थी।

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    फाइलें गायब करने के आरोप में सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार

    बरामद करने के बाद उसने भी इन फाइलों को गायब कर दिया था। पांच दिसंबर, 1997 को जज ने अदालत से कुछ केसों की फाइलें गुम होने की शिकायत देकर अहलमद जसवंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था।

    उस समय बस्ती जोधेवाल में तैनात सब इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह ने सात अप्रैल, 1999 को जसवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उस समय बस्ती जोधेवाल थाने की एफआइआर थाना सदर में दर्ज होती थीं।

    जसवंत सिंह की मौत के बाद बंद हुआ केस

    वहां रिकॉर्ड में दर्ज किया गया कि रिमांड के दौरान पुलिस अधिकारी ने अहलमद के कमरे से एक पेटी मिली थी। उसमें से फाइलें बरामद कर ली गईं थी।

    कुछ समय बाद जसवंत सिंह की मौत के बाद केस बंद हो गया। बाद में सामने आया कि बरामद की गई फाइलें अब भी अदालत के मालखाने के रिकॉर्ड में नहीं हैं। अदालत के आदेश पर फिर जांच की गई और पाया गया कि बरामद की गई फाइलें पुलिस ने ही जमा नहीं करवाई हैं।

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    मालखानें में नहीं रखवाई गईं फाइलें

    अदालत ने 22 फरवरी, 2022 को फिर जांच के लिए लिखा था। अदालत के आदेश के बाद थाना सदर के प्रभारी ने मामले की फिर जांच की। उस समय के मुंशी दविंदर सिंह ने बयान में बताया कि यह फाइलें मालखाने में नहीं रखवाई गई थी। वहीं, पूर्व सब इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह का बयान संतोषजनक नहीं था।

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