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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जालंधर में कार में आए कपल ने मासूम बच्ची को यूनीक होम के पालने में छोड़ा, अस्पताल में तोड़ा दम

By Vinay KumarEdited By:
Published: Mon, 28 Jun 2021 02:23 PM (IST)

जालंधर के लांबड़ा में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला और पुरुष मासूम बच्ची को ...और पढ़ें

जालंधर में महिला व पुरुष बच्ची को यूनिक होम में छोड़ गए। सांकेतिक चित्र।
जालंधर में महिला व पुरुष बच्ची को यूनिक होम में छोड़ गए। सांकेतिक चित्र।

जालंधर, जेएनएन। जालंधर के लांबड़ा थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। दोपहर करीब 12 बजे एक क्रेटा कार में आए महिला और पुरुष ने एक दुधमुंही बच्ची को यूनीक होम के पालने में छोड़ा और चले गए। यूनिक होम के कर्मचारियों ने जब बच्ची को पालने से उठाना चाहा तो वह बिल्कुल बेसुध थी। आनन-फानन में बच्ची की जांच डॉक्टरों से कराई गई तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए मासूम के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया है। वहां शव को 72 घंटों के लिए रखा गया है ताकि अगर इसका कोई वारिस सामने आता है तो उसे शव की सुपुर्दगी की जा सके।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए बच्ची को छोड़ने वाले युवक-युवती

वही बच्ची को छोड़कर जाने वाले युवक और युवती यूनीक होम के गेट के कैमरे में कैद हुए हैं। हालांकि गाड़ी का नंबर कैमरे में नहीं आ सका है। वहीं, पालने के आसपास कोई कैमरा नहीं लगाया गया है ताकि यूनीक होम में बच्चों को छोड़कर जाने वालों की पहचान गुप्त रह सके। हालांकि यूनीक होम के मेंबर सतनाम सिंह का कहना है कि गाड़ी का नंबर सीसीटीवी में रिकॉर्ड नहीं हो सका है।

सबसे पहले गेटमैन गुलाब चंद ने बच्ची को देखा

रविवार दोपहर सबसे पहले बच्ची को गेटमैन गुलाबचंद ने देखा था। उन्होंने इसकी सूचना बीबी प्रकाश कौर को दी थी। इसके बाद वह बच्ची को लेकर तत्काल दोबारा अस्पताल के लिए निकल गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

पुलिस ने दर्ज किया केस

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं के अंतर्गत अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अगर पोस्टमार्टम में किसी भी प्रकार की दिक्कत मिलती है तो मामले में 302 के तहत केस दर्ज कर पुलिस जांच कर सकती है।

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