यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बारहवीं पास बलजीत चला रही थी नकली करंसी रैकेट, छाप रही थी नोट
पंजाब के जालंधर में 12वीं पास महिला नकली नोट का रैकेट चला रही थी। वह कंप्यूटर अाैर प्रिंटर से 2000 ...और पढ़ें

जेएनएन, जालंधर। जिले में बारहवीं पास महिला नकली नोट का रैकेट चला रही थी। वह कंप्यूटर और प्रिंटर से 2000 और 500 के नकली नाेट छापती थी। इस गोरखधंधे में उसका पति और महिला का भाई सहयोग करते थे व इसकी सप्लाई करते थे।
यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। जांच में पता चला है कि जिले के गांव बिलगा में कंप्यूटर व प्रिंटर के जरिए घर पर ही दो हजार एवं पांच सौ के नए नकली नोट मुख्य आरोपी राजकुमार नहीं, बल्कि उसकी पत्नी बलजीत कौर छाप रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि बलजीत कौर इस सारे मामले की मास्टरमाइंड थी।
यह भी पढ़ें: किस पर करें भरोसा, चाचा ने पांच साल की भतीजी को बनाया हवस का शिकार
राजकुमार आठवीं पास है और उसे ठीक से लिखना-पढऩा भी नहीं आता। ऐसे में कंप्यूटर के जरिए नकली नोट छापना उसके बस की बात नहीं थी। वह नशे के कारोबार में लिप्त था और नोट छापने में बलजीत कौर की मदद करता था। वहीं बलजीत कौर का भाई जसविंदर सिंह उसका साथ देता था। दोनों ने नए नोट आने के तुरंत बाद ही इसकी साजिश रच ली थी। बलजीत कौर अौर राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जसविंदर अभी फरार है।
बलजीत कौर कंप्यूटर की मास्टर है। हालांकि उसने पढ़ाई बारहवीं तक ही की है, लेकिन कंप्यूटर में उसे महारत हासिल थी। थाना बिलगा के प्रभारी इंदरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी पति-पत्नी को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। दोनों से पूछताछ के बाद और खुलासे हो सकते हैैं। उन्होंने बताया कि फरार जसविंदर सिंह की तलाश में छापेमारी की जा रही है, लेकिन फिलहाल वह हाथ नहीं आया है।
यह भी पढ़ें: शादी से एक सप्ताह पहले मां बेटे के कमरे में गई तो पैरों तले खिसक गई जमीन
गौर हो कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिलगा में छापेमारी कर नकली नोट छाप रहे राजकुमार व उसकी पत्नी बलजीत कौर को गिरफ्तार किया था। राजकुमार पर पहले भी एनडीपीएस के मामले दर्ज थे। पुलिस ने मौके से 200 ग्राम अफीम भी बरामद की थी। इसके अलावा करीब डेढ़ लाख रुपये के नए नोटों की नकली करंसी मिली थी। कंप्यूटर, प्रिंटर भी बरामद हुआ, जिससे नकली नोट छापे जा रहे थे।
