जागरण संवाददाता, अमृतसर। Tokyo Olympic-2020 महिला हॉकी ब्रांज मेडल मैच में ब्रिटेन के साथ कांटे की टक्कर में 4-3 से मिली हार से मैच में दो गोल करने वाली गुरजीत कौर के परिवार को भले ही निराशा है, मगर हारने का दुख नहीं है। भाई गुरचरन सिंह ने कहा कि हार जीत परमात्मा के हाथ होती है। उन्हें खुशी है कि गुरजीत ने लीग मैचों से लेकर क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के बाद अब ब्रांज मेडल मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई है। गुरजीत कौर की दादी दर्शन कौर का कहना है कि उन्हें अपनी पोती पर गर्व महसूस होता है, क्योंकि उनकी पोती ने अपने बाप-दादाओं का नाम रोशन किया है। परमात्मा से अरदास करते हैं कि गुरजीत कौर की तरह नाम रोशन करने वाली बेटी हर परिवार में होनी चाहिए।

 

भारतीय महिला हाकी टीम के ग्रेट ब्रिटेन के साथ चल रहे मैच को देखने के लिए गुरजीत कौर के घर में सुबह ही लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। मैच के तीसरे क्वार्टर तक दोनों ही टीमें कांटे की टक्कर देकर बराबरी पर चलती रही। मैच देख रहे सभी खेल प्रेमी और देशवासियों में उम्मीद थी कि चौथे क्वार्टर में भारत की टीम को डू एंड डाई वाली रणनीति अपनाते हुए इतिहास रचेगी लेकिन क्वार्टर-4 में ब्रिटेन ने 4-3 से आगे होकर मैच पर कब्जा किया।

अमृतसर में मैच के दौरान जीत के आश्वस्त गुरजीत का परिवार विक्ट्री साइन दिखाते हुए।

पहले क्वार्टर में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 0-2 से पिछड़ने के बाद ब्रिटेन को करारा जवाब दिया था। ब्रांज मेडल मैच में टीम की अगुआई वाली भारतीय टीम से गुरजीत कौर दो जबकि वंदना कटारिया एक गोल दाग कर तीन-तीन की बराबरी की। वंदना कटारिया ने दूसरे क्वॉर्टर के खत्म होने से डेढ़ मिनट पहले शानदार गोल कर भारत को 3-2 से बढ़त दिला दी थी। बता दें कि ब्रिटेन के खिलाफ रोमांचक मैच में भारत को 3-4 के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा है।  ब्रिटेन की टीम ने भारत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ब्रांज मेडल जीत लिया।

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Edited By: Vinay Kumar