LPU कैंपस में हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई, CCTV से बेनकाब हुए दो और आरोपी अरेस्ट
LPU परिसर में हुए हिंसक उपद्रव मामले में पुलिस ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दो और आरोपियों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

LPU हिंसा के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
HighLights
एलपीयू हिंसा मामले में फगवाड़ा पुलिस ने की दो और गिरफ्तारियां।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से हुई आरोपियों की पहचान।
अब तक 11 गिरफ्तार, सोशल मीडिया दावे से शुरू हुआ था विवाद।
जागरण संवाददाता, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 28 सितंबर को हुए हिंसक उपद्रव के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने रविवार को दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों की पहचान योगेश अपूर्वा निवासी मेहराटा, राजस्थान और आदित्य निवासी हाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों पर हिंसा के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ करने का आरोप है।
पुलिस सोमवार को दोनों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी में है। दोनों आरोपितों की पहचान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई। इन दो गिरफ्तारियों के साथ एलपीयू हिंसा मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि करीब 28 लोगों को नामजद किया गया है।
एलपीयू हिंसा में फगवाड़ा के अलावा जम्मू और मुंबई से भी आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, परिसर के बाहर स्थापित मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़ने वाले युवक की पहचान कर उसे मंडी से गिरफ्तार किया गया था।
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इंटरनेट मीडिया के दावे से शुरू हुआ था विवाद
26 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर एलपीयू की छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति के दुष्कर्म किए जाने का दावा वायरल हुआ था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र भड़क गए और प्रदर्शन शुरू हो गया। हिंसा के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और यूनिमाल की दुकानों में लूटपाट हुई।
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18 घंटे रहा था हाईवे बंद
इस मामले में उपद्रव के बाद छात्रों ने हाइवे जाम कर दिया था। करीब 18 घंटे तक लोग परेशान रहे। मामले में पुलिस ने चार एफआइआर दर्ज कर आठ सदस्यीय एसआइटी बनाई है। साइबर क्राइम टीम ने भड़काऊ और फर्जी एआई वीडियो से जुड़े करीब 300 पोस्ट हटाने की कार्रवाई की है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।
