गांव की लाडो से मिला लाडोवाली रोड को अपना नाम, आज जालंधर की धड़कन है यह मशहूर सड़क
Jalandhar Ladowali Road कभी लुधिायना की तरफ से जालंधर में एंट्री के लिए दो ही सड़कें थी। पहली जीटी रोड और दूसरी लाडोवली रोड। पहले यहां पास में लाडोवाल ...और पढ़ें

जालंधर [प्रियंका सिंह]। देश में जितना प्रसिद्ध जालंधर शहर है, उतनी ही यहां की सड़कें। शहर में शायद ही कोई ऐसा होगो जा लडोवली रोड से ना गुजरा हो। यह रोड रेलवे स्टेशन के पास अजीत चौक से शुरू होकर बीएसएफ चौक तक जाती है। इस सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां ठीक करने की छोटी-छोटी दुकानें हैं। इस पर शहर से जुड़े क्रांतिकारियों के नाम से कई चौक बने हैं। कहते हैं कि लाडोवाली रोड का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। सबसे खास बात यह है कि लाडोवाली रोड को अपना यह नाम बहुत पहले गांव में रहती लाडो नाम की महिला से मिला है। अगर आप ही कभी जब जालंधर आए तो इस ऐतिहासिक सड़क को देखना ना भूलें।
गांव की लाडो से है लाडोवाली रोड की पहचान
कहते हैं सैकड़ों साल पहले इस सड़क पर प्रीत नगर के पास एक छोटा सा गांव था। यहां लाडो नाम की महिला रहती थी। उसने गांव के लोगों के लिए बहुत काम किया था, इसीलिए लोग गांव को लाडोवाली कहकर बुलाने लगे थे। आगे चलकर इसी नाम पर सड़क का नाम भी लाडोवाली रोड हो गया।

जालंधर की लाडोवाली रोड की पहचान कभी यहां रहे लाडोवाली गांव से मिली है। शहर की इस मशहूर सड़क पर आज कई बड़े स्कूल और कालेज हैं।
दो बार बदले नाम पर लोग की जुबां पर लाडोवाली रोड ही चढ़ा
रोड पर आनंद बैटरी नाम से दुकान के मालिक आनंद सिंह ने बताया कि लडोवली रोड का नाम समय-समय पर बदला गया, लेकिन फिर भी लोग इसे लाडोवली रोड कहकर ही बुलाते हैं। 1974 में दोआबा के गांधी के नाम से पहचाने जाने वाले पंडित मूलराज शर्मा के नाम पर इस सड़क का नाम रखा गया। इसके बाद क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस के साथ रहे अजीत सैनी के नाम पर भी इस सड़क का नाम रखा गया। बावजूत इसके लोगों की जुबान प लाडोवाली रोड ही चढ़ा हुआ है।
कभी लुधियाना से एंट्री के लिए प्रमुख सड़क थी लाडोवाली रोड
एक समय ऐसा था जब शहर में लुधियाना की तरफ से दाखिल होने के लिए केवल दो ही सड़कें होती थी। पहली जीटी रोड और दूसरी लाडोवली रोड। लाडोवाली रोड बीएसएफ चौक से प्रीत नगर से निकलकर अलास्का चौक, मदन फ्लोर चौक से होते हुए सीधे भगत सिंह चौक पर निकलती थी। लुधियाना से आने वाले लोग ज्यादातर इसी सड़क का उपयोग करते थे।

ट्रक मार्केट के कारण भी मशहूर
50 साल पहले इस रोड पर ट्रक मार्केट हुआ करती थी। उस समय पूरे पंजाब से लोग ट्रक बनवाने के लिए इसी मार्केट में आते थे। ट्रक से संबंधित हर चीज मिल जाती थी। हर समय ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता था। इसलिए लोग इसे ट्रक मार्केट रोड कहकर भी बुलाने लगे थे।
स्कूल और फैक्ट्रियों से बनी रोड की पहचान
लाडोवाली रोड पर कई सरकारी स्कूल, बड़े कॉलेज और अनगिनत फैक्ट्रियां हैं। इस वजह से इस सड़क की पहचान और बढ़ गई है। यहां तक कि कई स्कूलों ने अपने नाम के पीछे लाडोवाली भी लिखना शुरू कर दिया है।

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