पंजाब के कपूरथला में 7 वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी, डॉक्टरों को निकालनी पड़ी बच्चेदानी
पंजाब के कपूरथला में एक सात वर्षीय बच्ची से एक व्यक्ति ने दरिंदगी की। बच्ची की टांग तोड़ दी। उसे अमृतसर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बच्ची से इतनी दरिंदगी की गई कि डॉक्टरों को उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी है।

जेएनएन, अमृतसर। कपूरथला में दुष्कर्म का शिकार बनी सात वर्षीय बच्ची का अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल में उपचार चल रहा है। इंफेक्शन बढऩे की वजह से डाक्टरों को उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी। हालांकि, बच्ची की हालत स्थिर है।
आरोपित ने दुष्कर्म के बाद बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार किया था। इससे बच्चेदानी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। साथ ही, आंत के नीचे की फिस्टुला ग्रंथियां फट चुकी हैं। डाक्टरों ने बच्चेदानी तो निकाल दी है, पर फिस्टुला ग्रंथियों को पुनर्जीवित करने के लिए यहां पीडियाट्रिक सर्जन नहीं, इसलिए बच्ची को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया जाएगा। डाक्टरों के अनुसार फिस्टुला ग्रंथियों में शौच, मूत्र व गर्भाशय की नालिकाएं होती हैं। अमानवीय व्यवहार से तीनों नलिकाएं फटकर आपस में जुड़ गई थीं।
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बच्ची के पिता कपूरथला में मजदूरी करते हैं। वह रेलवे कोच फैक्ट्री के नजदीक झुग्गी बनाकर रहते हैं। उनके अनुसार 15 मार्च को उनकी झुग्गी के पास रहने वाला 26 वर्षीय मुकेश कुमार बच्ची को बिस्कुट खिलाने की बात कहकर ले गया। एक घंटे बाद बच्ची पास के खेतों में लहूलुहान अवस्था में मिली। बच्ची की दोनों टांगें तोड़ दी गई थीं। गला घोंटकर मारने का प्रयास भी किया गया था। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर पास्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
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पिता बोले, बच्ची के उपचार को पैसे नहीं
बच्ची की हालत देखकर माता-पिता फफक उठते हैं। पिता के अनुसार उनके पास बच्ची के उपचार के लिए पैसे तक नहीं। सरकार ने फ्री इलाज करवाने की बात कही थी, पर अब मुझसे अस्पताल में इंजेक्शन मंगवाए जा रहे हैं। दो-दो हजार रुपये के इंजेक्शन खरीद पाना मेरे वश में नहीं।
उपचार हो रहा निश्शुल्क : डा. केडी
उधर, गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. केडी सिंह का कहना है कि बच्ची का उपचार निश्शुल्क किया गया है। बच्ची का मंगलवार को एमआरआइ स्कैन करवाया जाना था। स्कैन के लिए कंट्रेस की जरूरत होती है। यह अस्पताल में उपलब्ध नहीं, इसलिए बच्ची के पिता से डाक्टर ने मंगवाया होगा। इसमें खर्च हुई राशि भी हम बिल क्लीयर करवाकर पिता को दे देंगे।
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