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    लुधियाना के उद्योगपति ओसवाल से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, ED ने जब्त किए 14 लाख रुपये

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:19 PM (IST)

    ईडी के जालंधर कार्यालय ने कानपुर से अर्पित राठौर को 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है। ...और पढ़ें

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    साइबर फ्रॉड मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार। सांकेतिक फोटो

    जागरण संवाददाता, जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल कार्यालय ने 31 दिसंबर को कानपुर में छापामारी कर अर्पित राठौर को मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह कार्रवाई ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े साइबर फ्रॉड प्रकरण में की है। इस छापामारी के दौरान ईडी ने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 14 लाख रुपये जब्त किए हैं।

    ईडी ने यह जांच लुधियाना साइबर क्राइम थाने में दर्ज एफआइआर के आधार पर शुरू की थी। इसके अलावा इसी गिरोह से जुड़े साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के नौ अन्य मामलों को भी जांच में शामिल किया है।

    जांच में सामने आया है कि गिरोह ने सीबीआइ अधिकारी बनकर उद्योगपति एसपी ओसवाल से सात करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसी तरह अन्य लोगों से भी करीब 1.73 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। यह रकम रूमी कलिता और अर्पित राठौर द्वारा संचालित कई ‘म्यूल बैंक खातों’ के जरिए इधर-उधर की गई।

    ईडी के अनुसार गुवाहाटी की रूमी कलिता और कानपुर के अर्पित राठौर ने अतनु चौधरी के साथ मिलकर ‘फ्रोजनमैन वेयरहाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स’ और ‘रिग्लो वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खातों का इस्तेमाल अवैध धन को ठिकाने लगाने के लिए किया।

    नौ मामलों की राशि फ्रोजनमैन वेयरहाउसिंग के खातों में और दो मामलों की रकम रिग्लो वेंचर्स के खातों में जमा कराई गई, जिसके बाद यह धन 200 से अधिक म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि अर्पित राठौर ने विदेशी अपराधियों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें म्यूल खाते उपलब्ध कराकर अवैध धन विदेश भेजने में मदद की। इसके बदले उसे यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी और भारतीय रुपए के रूप में अपना हिस्सा मिला।

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले 22 दिसंबर, 2025 को इस मामले में तलाशी ली गई थी और 23 दिसंबर को रूमी कलिता को गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल ईडी की हिरासत में है।

    अर्पित राठौर को पहले कानपुर में एसीजेएम के समक्ष पेश किया गया, जहां से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिला। इसके बाद उसे जालंधर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। मामले में आगे की जांच जारी है।