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    गुरदासपुर में रात 9 से सुबह 5 बजे तक रहेगा ब्लैक आउट, प्रशासन ने जारी किए आदेश

    Updated: Thu, 08 May 2025 02:17 PM (IST)

    भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए गुरदासपुर में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक ब्लैक आउट रहेगा। जिला प्रशासन ने सिविल डिफेंस एक्ट 1968 के तहत यह आदेश जारी किया है। केंद्रीय जेल और अस्पतालों को कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई है। बठिंडा में भी इसी तरह का अभ्यास किया गया था जिसका उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना है।

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    गुरदासपुर में पात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट

     जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सीमावर्ती इलाके में माहौल संवेदनशील होने के कारण केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर सिविल डिफेंस एक्ट 1968 के तहत आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 8 मई से लगातार अगले आदेशों तक रात 9 से सुबह 5 बजे तक जिला गुरदासपुर में पूर्ण तौर पर ब्लैक आउट रहेगा। ये आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए हैं।

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    जेल और अस्पताल में नहीं होगा लागू

    हालांकि केंद्रीय जेल गुरदासपुर और अस्पतालों पर यह आदेश लागू नहीं होगा। विभाग केंद्रीय जेल गुरदासपुर व अस्पतालों की खिड़कियां रोजाना 9 से अगले दिन सुबह 5 बजे तक बंद रखेंगे। इसके अलावा खिड़कियों को अच्छी तरह से कवर करना होगा ताकि रोशनी की कोई किरण बाहर न निकल पाए।

    बठिंडा में किया गया था ब्लैकआउट

    भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर बुधवार रात बठिंडा में ब्लैकआउट अभ्यास आयोजित किया गया था। यह ब्लैकआउट रात 8:30 बजे से 8:40 बजे तक किया गया, जिसमें सभी प्रकार की लाइट्स बंद कर दी गईं। इस दौरान पूरे शहर में अंधेरा छा गया और हर प्रकार की रोशनी को बंद रखने की हिदायत दी गई थी।

    नागरिकों को जागरूक करना उद्देश्य

    ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को यह जागरूक करना था कि यदि रात के समय दुश्मन देश की ओर से कोई हवाई हमला होता है तो उससे किस प्रकार बचा जा सकता है। इस दौरान वाहन चालकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपनी गाड़ियों को वहीं रोक दें जहां वे उस समय मौजूद हों।

    अधिकांश लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए बिजली बंद रखी और सार्वजनिक स्थानों पर भी कोई रोशनी नहीं जलाई गई। प्रशासन द्वारा यह कवायद इस उद्देश्य से की गई कि आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को घबराने के बजाय तैयार रहना चाहिए।

    पुलिस प्रशासन ने रखी कड़ी निगरानी

    पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने इस दौरान सड़कों पर निगरानी रखी और यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी रोशनी न जले। लोगों को बताया गया कि ऐसे ब्लैकआउट अभ्यास आगे भी समय-समय पर किए जा सकते हैं ताकि आमजन को सतर्क रखा जा सके।

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