पंजाब में स्कूल-कालेज के पाठ्यक्रम में शामिल होगी सारागढ़ी शहीदों की वीरगाथा
पंजाब के स्कूल, कालेजों के पाठ्यक्रम में सारागढ़ी शहीदों की वीरगाथाओं को शामिल किया जाएगा। यह घोषणा कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू व मनप्रीत बादल ने की। ...और पढ़ें

फिरोजपुर [प्रदीप कुमार सिंह]। सारागढ़ी शहीदों की वीरगाथाओं को वर्तमान के साथ भावी पीढ़ी को अवगत करवाने के लिए पंजाब सरकार अपने स्कूल, कालेज के पाठ्यक्रम में इसे शामिल करेगी। सारागढ़ी गुरुद्वारा एवं हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के समाधि स्थल को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए पंजाब सरकार अगले पांच सालों में पचास करोड़ रुपये खर्च करेगी।
सारागढ़ी दिवस मनाने के लिए मंगलवार को सेना के साथ पहली बार पंजाब सरकार भी शामिल हुई। राजकीय समागम में पंजाब सरकार की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू व मनप्रीत सिंह बादल ने उक्त घोषणाएं की। सारागढ़ी के वीर योद्धाओं को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग लंबे समय से विभिन्न संगठनों द्वारा की जा रही थी।
मंगलवार को स्टेज से यह मांग इतिहासकार एवं सारागढ़ी फाउंडेशन के चेयरमैन गुरविंदर पाल सिंह जोशन द्वारा पंजाब सरकार के मंत्रियों से की गई, जिसके बाद सिद्धू ने मनप्रीत बादल से सलाह-मशविरा कर इसकी घोषणा की। कार्यक्रम में साधु सिंह धर्मस्रोत भी मौजूद थे।
वित्तमंत्री बादल ने कहा कि भ्रष्ट्राचार, बेरोजगारी व अज्ञानता के खात्मे के लिए प्रयास किए जाएंगे। सारागढ़ी व हुसैनीवाला समाधि स्थल को पंजाब सरकार अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए अगले पांच सालों में पचास करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सारागढ़ी दिवस को राज्यस्तरीय समारोह मनाया जा रहा है। सरकार ने इस दिन सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है।
साधु सिंह धर्मस्रोत ने कहा कि 12 सितंबर 1897 को सारागढ़ी में 21 वीर सिख जवानों ने दस हजार से अधिक अफगानों का जिस बहादुरी से मुकाबला किया वह अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पूर्व फौजी हैं और वह 1965 की लड़ाई में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने सारागढ़ी के वीर जवानों को उनका बनता मान-सम्मान दिलाने के लिए हरसंभव यत्न कर रहे हैं, जिसका प्रदेश की जनता द्वारा स्वागत किया जा रहा है।
ब्रिटिश अफसरों ने भी दी श्रद्धांजलि
सारागढ़ी शहीदों के शहादत दिवस की 120वीं बरसी के मौके इंग्लैंड से ब्रिटिश रॉयलन मिलिट्री एकेडमी के 14 अधिकारी व कर्मी ब्रिगेडियर टिमबी जोन सील के नेतृत्व में फिरोजपुर पहुंचे। सील ने कहा कि यह उन लोगों के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि उन्हें सारागढ़ी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि वह पिछले चार दिनों से पंजाब में है यहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार मिला है। सील ने बताया कि सारागढ़ी की लड़ाई विश्व के छह सर्वश्रेष्ठ लड़ाइयों में शामिल है। यह लड़ाई तब से लेकर अब तक अंग्रेजी हुकूमत के लिए बहुत ही सम्मान व गर्व की बात है।

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