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बहन से मिलने आई बच्ची भूली रास्ता, किया परिवार के सुपुर्द

चाइल्ड लाइन 1098 फाजिल्का ने दो दिन पहले अबोहर में मिली बच्ची के माता पिता को ढूंढने में सफलता हासिल की

By JagranEdited By: Published: Tue, 08 Mar 2022 10:17 PM (IST)Updated: Tue, 08 Mar 2022 10:17 PM (IST)
बहन से मिलने आई बच्ची भूली रास्ता, किया परिवार के सुपुर्द

संवाद सूत्र, फाजिल्का : चाइल्ड लाइन 1098 फाजिल्का ने दो दिन पहले अबोहर में मिली बच्ची के माता पिता को ढूंढने में सफलता हासिल की, जिसे बाल कल्या समिति फिरोजपुर के आदेशों अनुसार मंगलवार को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपनी बहन से मिलने के लिए ट्रेन के जरिए अबोहर पहुंची, लेकिन आगे का रास्ता ना पता होने के कारण वह स्टेशन पर बैठी हुई मिली।

चाइल्ड लाइन के जिला को-आर्डिनेटर फूल चंद ने बताया कि थाना जीआरपी रेलवे स्टेशन अबोहर से थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने सुचना दी कि एएसआईदर्शन सिंह को प्लेटफार्म पर गश्त के दौरान छह मार्च को एक बच्ची लावारिस हालात में बैठी हुई मिली है, जोकि अपना नाम व पता बताने में असमर्थ है। चाइल्ड लाइन फाजिल्का के सदस्य अबोहर पहुंचे। बच्ची की काउंसलिग करने पर बच्ची ने अपना नाम और पता बताया कि वो शंकर बस्ती गुरुहरसाय जिला फिरोजपुर की रहने वाली है। उसने बताया कि वो ट्रेन के माध्यम से अबोहर में रह रही अपने बहन से मिलने के लिया आई थी, लेकिन रास्ता भूल जाने के कारण प्लेटफार्म पर ही बैठ गई तो चाइल्ड लाइन द्वारा मामले कि सूचना जिला बाल कल्याण समिति फाजिल्का चेयरयपर्सन नवीन जसूजा को दी गई, जिसके बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन की हिफाजत में रखा और बच्ची के परिवार को बच्ची के बारे में सूचना देकर उन्हें बच्ची के दस्तावेज लेकर फाजिल्का आने के लिए कहा गया। सात मार्च को बच्ची के परिवार द्वारा फाजिल्का आने पर चाइल्ड लाइन द्वारा बच्ची के सभी दस्तावेज पूरे कर कोऑर्डिनेटर फूल चंद और टीम सदस्य प्रिया द्वारा बच्ची को समेत परिवार जिला बाल कल्याण समिति फाजिल्का के सामने पेश किया गया। आठ मार्च को फिरोजपुर बाल कल्याण समिति फिरोजपुर के सामने पेश करने के लिया कहा गया। चाइल्ड लाइन टीम सदस्य धर्मवीर और लखविदर कौर बच्ची को लेकर फिरोजपुर गए और रेलवे चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर अमनदीप सिंह के सहयोग बच्ची को सहित परिवार बाल कल्याण समिति फिरोजपुर के सदस्य जगजीत सिंह सोडी, सुरिदर पाल सिंह, स्वर्ण जीत कौर के सामने पेश किया गया, जिसके बाद बच्ची को परिवार के सपुर्द कर दिया गया।


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