फतेहगढ़ साहिब में चिट्टे ने ली 22 वर्षीय युवक की जान; परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्रों पर उठाए सवाल
फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में अत्यधिक नशा करने से 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों ने नशा ...और पढ़ें

नशे से मरने वाले युवक के परिजन विलाप करते हुए।
HighLights
फतेहगढ़ साहिब में 22 वर्षीय युवक लवली की नशे से मौत।
परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्रों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
केंद्रों पर उपचार के नाम पर औपचारिकताएं पूरी करने का आरोप।
दीपक सूद, फतेहगढ़ साहिब। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक युवक की जान नशे की ओवरडोज ने ले ली। परिवार ने उसकी मौत का जिम्मेदार उस नशा छुड़ाओ केद्र को बनाया है, जिसमें उसे परिवार ने दाखिल करवाया था। परिवार का आरोप है कि नशा छुड़ाओ केंद्र ने सही से इलाज न किया और खानापूर्ती कर उसे छुट्टी दे दी। बाहर निकलते ही वे फिर से नशे का सेवन करने लगा।
मृतक की पहचान सरहिंद के गुरदेव नगर निवासी 22 वर्षीय लवली के रूप में हुई है। ्मृतक के पिता नजर सिंह और मां ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किया था। लेकिन, हर प्रयास विफल हो गया और आज वे उनके बीच नहीं है।
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मृतक की फाइल फोटो।
नशा छुड़ाओं केंद्र औपचारिकात कर रहे पूरी
परिवार ने बताया कि उन्होंने लवली को एक बार पटियाला और दो बार फतेहगढ़ साहिब स्थित नशा मुक्ति केंद्रों में भी भर्ती कराया था। लेकिन, इसके बावजूद उसकी आदत में कोई सुधार नहीं हुआ। दुखी पिता का आरोप है कि नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों का सही इलाज करने की बजाय औपचारिकता पूरी की जाती है। नशा छुड़ाओं केंद्र में इलाज के नाम पर सिर्फ पैसे लिए जा रहे हैं।
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दोबारा नशे की दलदल में फंसता गया युवक
परिवार का आरोप है कि केंद्रों से मात्र 19-20 दिनों के भीतर ही मरीजों को छुट्टी दे दी जाती है, जिससे वे पूरी तरह ठीक हुए बिना बाहर आ जाते हैं और दोबारा नशे की गिरफ्त में धंस जाते हैं। मृतक की मां ने आरोप लगाया कि ये नशा मुक्ति केंद्र केवल नाममात्र के हैं और सही इलाज न मिलने के कारण युवाओं की जानें जा रही हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
