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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख को पद से हटाया, ज्ञानी हरप्रीत नए जत्थेदार

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 21 Apr 2017 08:32 PM (IST)Updated: Fri, 21 Apr 2017 08:33 PM (IST)

एसजीपीसी ने मर्यादा का पालन न करने का आरोप लगाते हुए श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह को उनके पद से हटा दिया है।

दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख को पद से हटाया, ज्ञानी हरप्रीत नए जत्थेदार
दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख को पद से हटाया, ज्ञानी हरप्रीत नए जत्थेदार

जेएनएन, फतेहगढ़ साहिब। जत्थेदारों पर गलत फैसले लेने के लिए दबाव डाले जाने का आरोप लगाने वाले तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। यह फैसला शुक्रवार को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के ज्ञानी गुरमुख सिंह हॉल में हुई शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम 6 बजे खत्म हुई। एसजीपीसी कार्यकारिणी के लिए जत्थेदार गुरमुख सिंह को हटाने का फैसला लेना आसान नहीं था।

कार्यकारिणी के सदस्यों सुरजीत सिंह कालाबूला व गुरचरण सिंह ग्रेवाल सहित कुछ अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया। हालांकि, मैराथन बैठक के बाद बाकी सदस्यों ने अपनी सहमति दे दी, लेकिन कालाबूला व ग्रेवाल इसके विरोध में डटे रहे। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञानी गुरमुख सिंह ही क्यों, यदि हटाया जाना है, तो पंजाब में स्थित तीनों तख्तों के जत्थेदारों को हटाने का फैसला लिया जाए। बैठक में प्रधान व अन्य पदाधिकारियों सहित कार्यकारिणी के सभी 15 सदस्य मौजूद थे।

दिनभर चली बैठक के बाद एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने पत्रकारों को बताया कि सिंह साहिबान को मर्यादा का पालन करना चाहिए। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे ज्ञानी गुरमुख सिंह मर्यादा का पालन नहीं कर सके। इसके चलते एसजीपीसी ने उन्हें पद से मुक्त करने का फैसला लिया है। ज्ञानी गुरमुख सिंह श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी भी थे। उन्हें इन दोनों पदों से हटा दिया गया है।

हरियाणा के गुरुद्वारा धमधान साहिब हेड ग्रंथी का जिम्मा सौंपा

ज्ञानी गुरमुख सिंह को हरियाणा के गुरुद्वारा धमधान साहिब के हेड ग्रंथी का दायित्व सौंपा गया है। ज्ञानी गुरमुख सिंह को हटाए जाने के बाद खाली हुए दोनों पदों पर नई नियुक्तियां कर दी गई हैं। गुरुद्वारा श्री मुक्तसर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी हरप्रीत सिंह को तख्त श्री दमदमा साहिब का जत्थेदार नियुक्त किया गया है, जबकि अमृतसर के गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह नौवीं पातशाही के हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब का हेड ग्रंथी नियुक्त किया गया है।

डेरा मामले पर हुआ था विवाद

डेरा सच्चा सौदा से वोट मांगने को लेकर उठे विवाद में ज्ञानी गुरमुख सिंह ने बादल परिवार को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने सीधे आरोप लगाया था कि इस मामले में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के दबाव के बाद फैसला लिया गया।

इससे पहले भी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने आरोप लगाया था कि सभी जत्थेदारों पर गलत फैसले लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा था कि वह इस दबाव को नहीं सह सकते। एसजीपीसी चाहे तो इसके लिए उन्हें पद से हटा सकता है। उनके इस बयान के बाद उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा था, जिस पर शुक्रवार को एसजीपीसी ने मुहर लगा दी।

दमदमा साहिब के जत्थेदार पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

इससे पहले तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ को भी हटाया जा चुका है। शुक्रवार को हुई बैठक में एसजीपीसी ने अमृतधारी सिख युवाओं के लिए छात्रवृत्तियों की घोषणा के साथ ही उन धर्मी फौजियों के लिए भी एक-एक लाख की सहायता का एलान किया, जिन्हें पहले यह मदद नहीं मिली। इसके अलावा एसजीपीसी के तहत स्पोट्र्स एंड कल्चरल डायरेक्टोरेट की शुरुआत की गई है। इसकी जिम्मेदारी डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर परङ्क्षमदर कौर रंधावा को सौंपी गई है। इसका कार्यालय पटियाला में स्थापित किया जा रहा है।

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