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    फतेहगढ़ साहिब: कचरा ढुलाई का टेंडर जारी, बताया नहीं कहां से कहां ढोना है? अपने ही चक्रव्यूह में उलझी नगर कौंसिल

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:41 PM (IST)

    फतेहगढ़ साहिब में सालाना शहीदी सभा के बाद कचरा निस्तारण को लेकर नगर कौंसिल सवालों के घेरे में है। दैनिक जागरण द्वारा मुद्दा उठाने के बाद कचरा ढुलाई का ...और पढ़ें

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    फतेहगढ़ साहिब में कचरा ढुलाई का टेंडर जारी। फोटो जागरण

    नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। शांतमयी माहौल में संपन्न हुई सालाना शहीदी सभा के बाद इस दौरान पैदा हुए कचरे के निस्तारण पर नगर कौंसिल घिरती जा रही है। दैनिक जागरण के इस मुद्दे को उठाने के बाद आनन-फानन में कचरा ढुलाई का टेंडर तो जारी कर दिया गया, लेकिन कचरे को निस्तारण के लिये कहां ले जाना है, इस बारे में टेंडर के साथ जारी वर्क आर्डर में जिक्र तक नहीं किया गया।

    उधर, एक भी एमआरएफ न होने की सूरत में कचरे का निस्तारण कैसे किया जा रहा है, इस पर नगर कौंसिल जवाब देने से कतरा रही है। गारबेज मैनेजमेंट पर सरहिंद नगर कौंसिल अपने ही बनाये चक्रव्यूह में फंसती जा रही है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के जुर्मानों, नोटिस और चेतावनियों के बावजूद कचरा प्रबंधन पर नगर कौंसिल फिर से घिर गई है।

    दैनिक जागरण ने शहीदी सभा के दौरान पैदा हुए 400 टन कचरे के प्रबंंधन और निस्तारण का मुद्दा उठाया था। जिस पर ईओ मनवीर सिंह गिल ने कचरा ढुलाई का पहले जारी टेंडर लटकने और नये टेंडर जारी करने की बात कही थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद एडीसी (जी) पूजा स्याल ग्रेवाल ने टेंडर जारी होने में आ रही अड़चनों को दूर कर 15000 टन कचरे की ढुलाई का वर्क ऑर्डर जारी करवा दिया।

    कचरे की ढुलाई दो साइट्स से की जानी है। लेकिन, कचरा उठाने वाली साइट कहां है और कचरे की ढुलाई कर कहां पहुंचाया जाना है, इस बारे में वर्क ऑर्डर में कुछ नहीं लिखा गया।

    वहीं, सरहिंद नगर कौंसिल ने पहले तो सरहिंद शहर में चोअ के किनारे बने उस अवैध डंप पर ही फेंकने की कोशिश हुई, जिसे बंद किये जाने का लिखित हलफनामा नगर कौंसिल एनजीटी को दे चुकी है।

    यहां जनविरोध के बाद कचरे को बहादुरगढ़ की उस नई डंपिंग साइट पर फेंका गया, जो पहले से ही भर चुकी है। यहां भी लोगों के विरोध के बाद नगर कौंसिल ने सभी नियमों को ताक पर रख तीसरी जगह का चुनाव किया।

    महादियां रोड पर अत्तेवाली शमशान घाट के पीछे नगर कौंसिल की डेढ एकड़ जमीन है। यहीं पर नगर कौंसिल ने डंप बना दिया। लोगों ने विरोध किया और कचरा निस्तारण का मुद्दा उठा तो अत्तेवाली में फेंके गये कचरे को वहीं जमीन में दबा दिया गया। ऐसा ही तीन अन्य जगहों पर भी किया गया।

    नगर कौंसिल कचरा निस्तारण के इस पर्यावरण विरोधी तरीके पर जवाब देने से कतरा रहा है। नगर कौंसिल ईओ मनवीर सिंह गिल सेहत खराब होने के चलते अवकाश पर हैं। नगर कौंसिल के चीफ सेनिटरी ऑफिसर अमरप्रीत इस विषय पर कोई भी जानकारी साझा करने को तैयार नहीं हैं।

    उनका बस इतना कहना है कि उन्हें ज्वाइन किये अभी 2 महीने ही हुए हैं, लिहाजा उन्हें अभी सही प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। कचरे की ढुलाई कहां से कहां की जानी है, इस बारे में चीफ सेनेटरी ऑफिसर ने जानकारी न होने की बात कही।

    कचरा निस्तारण प्रक्रिया की जांच करवाएगी पीपीसीबी

    उधर, पंजाब प्रदूषण बोर्ड अब सरहिंद नगर कौंसिल द्वारा कचरा निस्तारण के तरीकों की जांच की बात कह रहा है। पीपीसीबी के एसडीओ मोहित सिंगला ने कचरा निस्तारण का मुद्दा उठने पर जांच करने और खामियां मिलने पर कार्रवाई की बात कही।

    पीपीसीबी अधिकारी ने कहा कि कचरा निस्तारण करते हुए सूखे व गीले कचरे को किस तरह अलग किया गया। डंपिंग साइट पर सेग्रीगेशन की क्या व्यवस्था है। एक भी चालू मेटीरियल रिकवरी फेसिलिटी प्लांट न होने की सूरत में निस्तारण के लिये पर्यावरण नियमों का पालन हुआ या नहीं।

    इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरहिंद चो किनारे अवैध डंप को साफ करने के लिये क्या कदम उठाये जा रहे हैं। इसकी जांच करवाई जाएगी। एसडीओ मोहित सिंगला ने कहा कि गारबेज मैनेजमेंट सही ढंग से न कर पाने के कारण सरहिंद नगर कौंसिल को 1 करोड़ 18 लाख का जुर्माना तक किया जा चुका है। एनजीटी से भी इसे लेकर फटकार पड़ चुकी है।